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शोभायात्रा में शामिल झांकियों ने मन मोहा
Updated Sat, 27 Oct 2018 12:56 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में शुक्रवार को पुल जटवाड़ा से वाल्मीकि बस्ती तक भगवान वाल्मीकि की शोभायात्रा धूमधाम से गाजे बाजों के साथ निकाली गई। सैंकड़ों की संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग यात्रा में शामिल हुए और भगवान वाल्मीकि के भजनों को गाते हुए समाज की सुख समृद्धि की कामना की।
वाल्मीकि समाज की ओर से वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित रैली गाजे बाजे के साथ पुल जटवाड़ा से शुरू होकर चौक बाजार और पीठ बाजार होते हुए वाल्मीकि बस्ती पहुंची। जहां समाज के लोगों ने विधि विधान के साथ भगवान वाल्मीकि की पूजा अर्चना की। अरविंद चचंल ने कहा कि भगवान वाल्मीकि आदिकवि के रूप में प्रसिद्ध है। साथ ही उन्होंने रामयण की रचना करते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के जीवन से पूरी दुनिया को अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि महाभारत काल में भी भगवान वाल्मीकि का वर्णन मिलता है। उस दौरान जब पांडवों ने कौरवों पर विजय हांसिल कि तो द्रौपदी ने एक यज्ञ का आयोजन किया। जिसका शुभारंभ करने से पूर्व यज्ञ की सफलता के लिए शंख बजाना आवश्यक होता है। तो भगवान कृष्ण के कहने पर भगवान वाल्मीकि से प्रार्थना की जाती है और भगवान वाल्मीकि के यज्ञ स्थल पर प्रकट होते ही शंख अपने आप बज जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि ने समाज को धर्म और सनमार्ग पर चलने का मार्ग भी दिखाया है। धर्म के इस मार्ग पर चलने का सभी को प्रयास करना चाहिए और देश के हित में कार्य करना चाहिए। वहीं फहीम, सहनवाज, अनीस, अहसान, राशिद, गुलनवाज, नवाब, अमन, दिवाकर, नसीम, अहमद, तनवीर आदि ने शोभायात्रा में शामिल लोगों को फल वितरित किए। शोभा यात्रा में वार्ड उत्थान संघर्ष समिति के अध्यक्ष अमित मंगोलिया, सुनील दत्त, अमरजीत चंचल, सुरेश चौधरी, प्रेम प्रधान, चौधरी अरविंद चौधरी, अनील तेश्वर, गणेश, रतिराम, प्रेम चौहान, लवली राणा, कैलाश, नवीन बिरला, विनय आदि शामिल रहे।
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वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में शुक्रवार को पुल जटवाड़ा से वाल्मीकि बस्ती तक भगवान वाल्मीकि की शोभायात्रा धूमधाम से गाजे बाजों के साथ निकाली गई। सैंकड़ों की संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग यात्रा में शामिल हुए और भगवान वाल्मीकि के भजनों को गाते हुए समाज की सुख समृद्धि की कामना की।
वाल्मीकि समाज की ओर से वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित रैली गाजे बाजे के साथ पुल जटवाड़ा से शुरू होकर चौक बाजार और पीठ बाजार होते हुए वाल्मीकि बस्ती पहुंची। जहां समाज के लोगों ने विधि विधान के साथ भगवान वाल्मीकि की पूजा अर्चना की। अरविंद चचंल ने कहा कि भगवान वाल्मीकि आदिकवि के रूप में प्रसिद्ध है। साथ ही उन्होंने रामयण की रचना करते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के जीवन से पूरी दुनिया को अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि महाभारत काल में भी भगवान वाल्मीकि का वर्णन मिलता है। उस दौरान जब पांडवों ने कौरवों पर विजय हांसिल कि तो द्रौपदी ने एक यज्ञ का आयोजन किया। जिसका शुभारंभ करने से पूर्व यज्ञ की सफलता के लिए शंख बजाना आवश्यक होता है। तो भगवान कृष्ण के कहने पर भगवान वाल्मीकि से प्रार्थना की जाती है और भगवान वाल्मीकि के यज्ञ स्थल पर प्रकट होते ही शंख अपने आप बज जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि ने समाज को धर्म और सनमार्ग पर चलने का मार्ग भी दिखाया है। धर्म के इस मार्ग पर चलने का सभी को प्रयास करना चाहिए और देश के हित में कार्य करना चाहिए। वहीं फहीम, सहनवाज, अनीस, अहसान, राशिद, गुलनवाज, नवाब, अमन, दिवाकर, नसीम, अहमद, तनवीर आदि ने शोभायात्रा में शामिल लोगों को फल वितरित किए। शोभा यात्रा में वार्ड उत्थान संघर्ष समिति के अध्यक्ष अमित मंगोलिया, सुनील दत्त, अमरजीत चंचल, सुरेश चौधरी, प्रेम प्रधान, चौधरी अरविंद चौधरी, अनील तेश्वर, गणेश, रतिराम, प्रेम चौहान, लवली राणा, कैलाश, नवीन बिरला, विनय आदि शामिल रहे।
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