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देहरादून : कोरोना की संभावित तीसरी लहर की आशंका के चलते बच्चों के लिए आरक्षित किए जा रहे 450 बेड
Wed, 30 Jun 2021 08:16 PM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jun 2021 08:16 PM IST
सार
उल्लेखनीय है कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के सबसे अधिक संक्रमित होने की आशंका विशेषज्ञों ने जताई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चों पर ज्यादा घातक असर होने की आशंका के चलते स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुटा हुआ है। देहरादून जिले में फिलहाल 450 से अधिक बेड आरक्षित किए जा रहे हैं। इसमें जनरल के साथ पीडियाट्रिक आईसीयू (पीआईसीयू)और नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) की संख्या भी शामिल है।
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उल्लेखनीय है कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के सबसे अधिक संक्रमित होने की आशंका विशेषज्ञों ने जताई है। ऐसे में जहां एक तरफ बाल रोग विशेषज्ञों के अलावा दूसरी बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी बच्चों के इलाज के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं, विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में बच्चों को भर्ती किए जाने की व्यवस्थाओं को चाक चौबंद करने पर काम चल रहा है।
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इसी क्रम में गंभीर हालत में आने वाले कोरोना पीड़ित बच्चों के लिए पीडियाट्रिक आईसीयू और नवजातों के लिए एनआईसीयू बेड आरक्षित किए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा बेड अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश और राजकीय दून मेडिकल अस्पताल में बनाए जा रहे हैं।
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अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश चौहान ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों पर ज्यादा खतरे की आशंका के मद्देनजर सरकारी और बड़े अस्पतालों को जरूरी सुविधाएं बनाने और पीआईसीयू व एनआईसीयू आरक्षित करने के लिए कहा गया है।