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निगम बना तो कोटद्वार बन जाएगा स्लम सिटी
Updated Thu, 22 Jun 2017 10:07 PM IST
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कोटद्वार (ब्यूरो)। उत्तराखंड विकास पार्टी की बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों को नगर पालिका में मिलाने का विरोध किया गया। देवी मंदिर में आयोजित बैठक में पार्टी अध्यक्ष मुजीब नैथानी ने भाजपा पर ग्रामीण जनता को भ्रमित बनाने का आरोप लगया। कहा कि भाजपा कोटद्वार को नगर निगम बनाने की घोषणा तो जोर शोर से कर रही है, लेकिन मात्र चालीस हजार की जनसंख्या को सुविधाएं प्रदान करने में नाकाम नगर पालिका, ग्रामीण क्षेत्रों की डेढ़ लाख की आबादी को किस प्रकार सुविधाएं देगी इसका खुलासा नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम बनने से ग्रामीण इलाकों में मिलने वाली विभिन्न ग्रामीण विकास की योजनाओं का पैसा मिलना बंद हो जाएगा और निगम को वर्तमान वित्त व्यवस्थाओं से ही काम चलाना पड़ेगा। उत्तराखण्ड के चतुर्थ राज्य वित्त आयोग के अनुसार एक उच्चीकृत निकाय को वही अनुदान प्राप्त होगा जो जो अवार्ड अवधि के दौरान उसे प्राप्त होते रहे हैं। इसलिए नगर निगम को वर्ष 2022 तक कोई अतिरित मद नहीं मिल पाएगा। जिस मद में 40 हजार की आबादी को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, उसी मद में डेढ़ लाख की आबादी को सुविधाएं कैसे मिलेगी।
उन्होंने भाजपा ग्रामीण क ्षेत्र की जनता को विकास ा झूठा सब्जबाग दिखा रही है। भजपा के नेताओं को इस बात का खुद भी ज्ञान नहीं है की निगम बना देने मात्र से वित्त अनुदान नहीं बढ़ जाएगा। नगर निगम बनाने का निर्णय कोटद्वार को स्लम सिटी बनाए जाने की ओर एक कदम की आहट है। बैठक में आशीष किमोठी, विनय बिष्ट, ऋषि बौंठियाल, चंद्रीेश, विजय पाल सिंह गुसाईं , रघुवीर नेगी, महेश देवरानी, काकू गुसाईं आदि उपस्थित थे।
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उन्होंने कहा कि नगर निगम बनने से ग्रामीण इलाकों में मिलने वाली विभिन्न ग्रामीण विकास की योजनाओं का पैसा मिलना बंद हो जाएगा और निगम को वर्तमान वित्त व्यवस्थाओं से ही काम चलाना पड़ेगा। उत्तराखण्ड के चतुर्थ राज्य वित्त आयोग के अनुसार एक उच्चीकृत निकाय को वही अनुदान प्राप्त होगा जो जो अवार्ड अवधि के दौरान उसे प्राप्त होते रहे हैं। इसलिए नगर निगम को वर्ष 2022 तक कोई अतिरित मद नहीं मिल पाएगा। जिस मद में 40 हजार की आबादी को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, उसी मद में डेढ़ लाख की आबादी को सुविधाएं कैसे मिलेगी।
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उन्होंने भाजपा ग्रामीण क ्षेत्र की जनता को विकास ा झूठा सब्जबाग दिखा रही है। भजपा के नेताओं को इस बात का खुद भी ज्ञान नहीं है की निगम बना देने मात्र से वित्त अनुदान नहीं बढ़ जाएगा। नगर निगम बनाने का निर्णय कोटद्वार को स्लम सिटी बनाए जाने की ओर एक कदम की आहट है। बैठक में आशीष किमोठी, विनय बिष्ट, ऋषि बौंठियाल, चंद्रीेश, विजय पाल सिंह गुसाईं , रघुवीर नेगी, महेश देवरानी, काकू गुसाईं आदि उपस्थित थे।
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