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आम आदमी को राहत देगी स्थाई लोक अदालत
Updated Fri, 13 Apr 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
एक करोड़ रुपये से कम के मामलों में न्याय के लिए स्थायी लोक अदालत आम आदमी को राहत दे रहा है। दून में नवंबर 2017 में खुली स्थायी लोक अदालत में अभी करीब 300 मामले चल रहे हैं। इस अवधि में सात से आठ मामलों का निस्तारण भी हो चुका है। हालांकि, जागरुकता की कमी के कारण ज्यादा लोग अभी इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
बृहस्पतिवार को न्यायालय परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्थायी लोक अदालत, देहरादून के अध्यक्ष आशीष नैथानी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन मामलों की सुनवाई चल रही है, उसमें ज्यादातर बीएसएनएल से जुड़े हैं। कोई भी व्यक्ति जो सेवा संबंधित मामलों में न्यायिक प्रक्रिया से गुजर रहा हो, यहां निस्तारण के लिए प्रार्थना पत्र दायर कर सकता है।
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ऐसे काम करती है अदालत
ऐसे मामलों की शिकायत या प्रार्थना पत्र देने पर लोक अदालत दूसरे पक्ष को नोटिस जारी करती है। दूसरे पक्ष को अपना पक्ष रखना होता है। साथ ही मध्यस्थता कर मामले को जल्द निस्तारित करवाया जाता है। स्थायी लोक अदालत के मामलों में अपील नहीं की जा सकती है।
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इन मामलों में मिलेगा फायदा
स्थायी लोक अदालत जन उपयोग से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई कर सकती है। इसमें वायु, सड़क, रेल या जलमार्ग से यात्रा और माल वाहन सेवा, डाक, तार या टेलीफोन सेवा, विद्युत, जल प्रदान करने वाले स्थापन, लोक सफाई, स्वच्छता प्रणाली, अस्पताल, औषधालय में सेवा, बीमा सेवा, शैक्षिक, शैक्षणिक संस्थानों, आवास और भू-संपदा सेवा के मामले शामिल हैं।
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इस तरह के मामले होंगे शामिल
स्थायी लोक अदालत में वही मामले आ सकते हैं, जिनका मूल्यांकन एक करोड़ रुपये से कम हो। साथ ही मामला किसी भी न्यायालय में दायर नहीं होना चाहिए। आपराधिक मामलों को भी लोक अदालतों के दायरे से बाहर रखा गया है। इन अदालतों में कोई न्याय शुल्क नहीं लगता। साथ ही वकील की जरूरत भी नहीं होती है।
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लोक अदालत से है अलग
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि समय-समय पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लोक अदालतें लगाता है। जिनमें अलग-अलग न्यायालय में चल रहे मामलों को सुलझाया जाता है, जबकि स्थायी लोक अदालत प्रतिदिन सुनवाई करती है। इसमें केवल नए मामले ही शामिल होते हैं।
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एक करोड़ रुपये से कम के मामलों में न्याय के लिए स्थायी लोक अदालत आम आदमी को राहत दे रहा है। दून में नवंबर 2017 में खुली स्थायी लोक अदालत में अभी करीब 300 मामले चल रहे हैं। इस अवधि में सात से आठ मामलों का निस्तारण भी हो चुका है। हालांकि, जागरुकता की कमी के कारण ज्यादा लोग अभी इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
बृहस्पतिवार को न्यायालय परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्थायी लोक अदालत, देहरादून के अध्यक्ष आशीष नैथानी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन मामलों की सुनवाई चल रही है, उसमें ज्यादातर बीएसएनएल से जुड़े हैं। कोई भी व्यक्ति जो सेवा संबंधित मामलों में न्यायिक प्रक्रिया से गुजर रहा हो, यहां निस्तारण के लिए प्रार्थना पत्र दायर कर सकता है।
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ऐसे काम करती है अदालत
ऐसे मामलों की शिकायत या प्रार्थना पत्र देने पर लोक अदालत दूसरे पक्ष को नोटिस जारी करती है। दूसरे पक्ष को अपना पक्ष रखना होता है। साथ ही मध्यस्थता कर मामले को जल्द निस्तारित करवाया जाता है। स्थायी लोक अदालत के मामलों में अपील नहीं की जा सकती है।
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इन मामलों में मिलेगा फायदा
स्थायी लोक अदालत जन उपयोग से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई कर सकती है। इसमें वायु, सड़क, रेल या जलमार्ग से यात्रा और माल वाहन सेवा, डाक, तार या टेलीफोन सेवा, विद्युत, जल प्रदान करने वाले स्थापन, लोक सफाई, स्वच्छता प्रणाली, अस्पताल, औषधालय में सेवा, बीमा सेवा, शैक्षिक, शैक्षणिक संस्थानों, आवास और भू-संपदा सेवा के मामले शामिल हैं।
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इस तरह के मामले होंगे शामिल
स्थायी लोक अदालत में वही मामले आ सकते हैं, जिनका मूल्यांकन एक करोड़ रुपये से कम हो। साथ ही मामला किसी भी न्यायालय में दायर नहीं होना चाहिए। आपराधिक मामलों को भी लोक अदालतों के दायरे से बाहर रखा गया है। इन अदालतों में कोई न्याय शुल्क नहीं लगता। साथ ही वकील की जरूरत भी नहीं होती है।
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लोक अदालत से है अलग
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि समय-समय पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लोक अदालतें लगाता है। जिनमें अलग-अलग न्यायालय में चल रहे मामलों को सुलझाया जाता है, जबकि स्थायी लोक अदालत प्रतिदिन सुनवाई करती है। इसमें केवल नए मामले ही शामिल होते हैं।