{"_id":"5c180659bdec2256b262de20","slug":"21545078361-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएस-3 मॉडल की 429 बसें खरीदने की जांच ठंडे बस्ते में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएस-3 मॉडल की 429 बसें खरीदने की जांच ठंडे बस्ते में
Updated Tue, 18 Dec 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड परिवहन निगम की ओर से वर्ष 2016 में खरीदी गई बीएस-3 मॉडल की 429 बसें खरीदने से जुड़े दस्तावेज घोटाले की जांच अभी तक ठंडे बस्ते में है। परिवहन निगम ने ये बसें 100 करोड़ की धनराशि से खरीदी थी, जबकि 31 मार्च 2017 से बीएस-3 मॉडल की बसों का चलन बंद कर दिया गया था। मामले की थर्ड पार्टी जांच परिवहन निगम के महाप्रबंधक ने नियोजन विभाग को सौंपी थी।
बता दें, परिवहन निगम ने जुलाई 2016 में बीएस-3 मॉडल बसों की खरीद फरोख्त की थी। उस समय बीएस-3 मॉडल को बंद कर बीएस-4 मॉडल चलने की पूरी संभावना थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में बसों की खरीदारी की गई। इस पर परिवहन मजदूर संघ समेत कई संगठनों ने परिवहन मंत्री से जांच की मांग की थी। इस पर परिवहन महाप्रबंधक संचालन दीपक जैन ने इसकी जांच नियोजन विभाग को सौंप दी थी, लेकिन अभी तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
---
चलन से बाहर हो चुकी बीएस-3 मॉडल की बसों की खरीद की जांच नियोजन विभाग को सौंपी गई थी। परिवहन निगम से वाहन खरीद से जुड़े सभी दस्तावेज मांगे गए थे। सभी दस्तावेज नियोजन विभाग को उपलब्ध करा दिए गए थे। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
-दीपक जैन, महाप्रबंधक, उत्तराखंड परिवहन निगम
विज्ञापन
उत्तराखंड परिवहन निगम की ओर से वर्ष 2016 में खरीदी गई बीएस-3 मॉडल की 429 बसें खरीदने से जुड़े दस्तावेज घोटाले की जांच अभी तक ठंडे बस्ते में है। परिवहन निगम ने ये बसें 100 करोड़ की धनराशि से खरीदी थी, जबकि 31 मार्च 2017 से बीएस-3 मॉडल की बसों का चलन बंद कर दिया गया था। मामले की थर्ड पार्टी जांच परिवहन निगम के महाप्रबंधक ने नियोजन विभाग को सौंपी थी।
बता दें, परिवहन निगम ने जुलाई 2016 में बीएस-3 मॉडल बसों की खरीद फरोख्त की थी। उस समय बीएस-3 मॉडल को बंद कर बीएस-4 मॉडल चलने की पूरी संभावना थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में बसों की खरीदारी की गई। इस पर परिवहन मजदूर संघ समेत कई संगठनों ने परिवहन मंत्री से जांच की मांग की थी। इस पर परिवहन महाप्रबंधक संचालन दीपक जैन ने इसकी जांच नियोजन विभाग को सौंप दी थी, लेकिन अभी तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
---
चलन से बाहर हो चुकी बीएस-3 मॉडल की बसों की खरीद की जांच नियोजन विभाग को सौंपी गई थी। परिवहन निगम से वाहन खरीद से जुड़े सभी दस्तावेज मांगे गए थे। सभी दस्तावेज नियोजन विभाग को उपलब्ध करा दिए गए थे। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
-दीपक जैन, महाप्रबंधक, उत्तराखंड परिवहन निगम