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मानव-वन्यजीव संघर्ष पर वन निदेशालय चिंतित
Updated Sun, 18 Nov 2018 02:35 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं से चिंतित वन विभाग के अफसरों ने इस पर अंकुश लगाने के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसी के मद्देनजर प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने 22 नवंबर को वन निदेशालय में सभी अपर प्रमुख वन संरक्षकों, प्रमुख वन संरक्षकों, वन संरक्षकों और प्रभागीय वनाधिकारियों की बैठक बुलाई है। सभी प्रभागीय वनाधिकारियों को दस्तावेजों और आंकड़ों के साथ तलब किया गया है।
प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने बताया कि बैठक में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर अंकुश लगाने पर चर्चा के साथ ही राज्य के जंगलों में हर साल आग लगने की घटनाआें से वन्यजीवों और वनों को होने वाले नुकसान, वनों की वेशकीमती जमीनों पर होने वाले कब्जों के अलावा वर्षा जल संरक्षण समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से वनाें और वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की जाएगी।
प्रमुख वन संरक्षक ने बताया कि राज्य में साल दर साल बढ़ता मानव वन्यजीव संघर्ष चिंता का विषय है, जिस पर गंभीर मंथन करने की जरूरत है। इसे रोकने को लेकर केेंद्र और राज्य सरकार की ओर से कई एहतियाती कदम उठाए गए हैं। बैठक के दौरान प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव), मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं, मुख्य वन संरक्षक आपदा एवं वनाग्नि प्रबंधन की ओर से तमाम पहलुुओं पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
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राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं से चिंतित वन विभाग के अफसरों ने इस पर अंकुश लगाने के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसी के मद्देनजर प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने 22 नवंबर को वन निदेशालय में सभी अपर प्रमुख वन संरक्षकों, प्रमुख वन संरक्षकों, वन संरक्षकों और प्रभागीय वनाधिकारियों की बैठक बुलाई है। सभी प्रभागीय वनाधिकारियों को दस्तावेजों और आंकड़ों के साथ तलब किया गया है।
प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने बताया कि बैठक में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर अंकुश लगाने पर चर्चा के साथ ही राज्य के जंगलों में हर साल आग लगने की घटनाआें से वन्यजीवों और वनों को होने वाले नुकसान, वनों की वेशकीमती जमीनों पर होने वाले कब्जों के अलावा वर्षा जल संरक्षण समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से वनाें और वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की जाएगी।
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प्रमुख वन संरक्षक ने बताया कि राज्य में साल दर साल बढ़ता मानव वन्यजीव संघर्ष चिंता का विषय है, जिस पर गंभीर मंथन करने की जरूरत है। इसे रोकने को लेकर केेंद्र और राज्य सरकार की ओर से कई एहतियाती कदम उठाए गए हैं। बैठक के दौरान प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव), मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं, मुख्य वन संरक्षक आपदा एवं वनाग्नि प्रबंधन की ओर से तमाम पहलुुओं पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
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