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-पहाड़ में विकास को लेकर ईमानदार नहीं भाजपा-कांग्रेस : उक्रांद
Updated Tue, 19 Dec 2017 02:13 AM IST
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पहाड़ में विकास को लेकर ईमानदार नहीं भाजपा-कांग्रेस : उक्रांद
देहरादून/अमर उजाला ब्यूरो
गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर उक्रांद कार्यकर्ताओं ने सोमवार को देहरादून सहित प्रदेशभर में धरना दिया। दून में उक्रांद कार्यकर्ताओं ने घंटाघर स्थित स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की प्रतिमा के आगे धरना दिया। इसके अलावा हरिद्वार, उत्तरकाशी, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, उधमसिंह नगर सहित सहित सभी जनपदों एवं जिला मुख्यालयों पर धरना दिया। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा।
उक्रांद के मुख्य केंद्रीय प्रवक्ता सतीश सेमवाल ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल पहाड़ में विकास को लेकर ईमानदार नहीं हैं। आरोप लगाया कि यदि ये राजनीतिक दल जरा भी ईमानदार होते तो गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं पेयजल सहित अन्य सुविधाओं की स्थायी व्यवस्था कराते। उक्रांद कार्यकर्ताओं ने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान ही गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन सरकारें अब तक जनभावनाओं की अनदेखी कर रही हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि राज्य निर्माण के लिए कई आंदोलनकारियों ने बलिदान दिया। आंदोलन के दौरान कई घर-परिवार बर्बाद हो गए, लेकिन सभी सरकारें जनभावनाओं की अनदेखी करती रहीं। अब उत्तराखंड की जनता फिर से संघर्ष के लिए तैयार है। यदि शीघ्र ही गैरसैंण स्थायी राजधानी घोषित न की गई तो फिर सड़कों पर उतर कर संघर्ष किया जाएगा। धरने में महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री, जिला अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह रांगढ़, लताफ त हुसैन, सुनील ध्यानी, जय प्रकाश उपाध्याय, बिलास गौड़, धर्मेंद्र कठैत, वाहिद खान, गौरव उनियाल, गौरव, कैलाश राणा, गौरव उनियाल, वीरेंद्र बिष्ट, ललित घिल्डियाल, विजय क्षेत्री, सचिन क्षेत्री ,ललित कुमार आदि शामिल रहे।
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देहरादून/अमर उजाला ब्यूरो
गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर उक्रांद कार्यकर्ताओं ने सोमवार को देहरादून सहित प्रदेशभर में धरना दिया। दून में उक्रांद कार्यकर्ताओं ने घंटाघर स्थित स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की प्रतिमा के आगे धरना दिया। इसके अलावा हरिद्वार, उत्तरकाशी, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, उधमसिंह नगर सहित सहित सभी जनपदों एवं जिला मुख्यालयों पर धरना दिया। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा।
उक्रांद के मुख्य केंद्रीय प्रवक्ता सतीश सेमवाल ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल पहाड़ में विकास को लेकर ईमानदार नहीं हैं। आरोप लगाया कि यदि ये राजनीतिक दल जरा भी ईमानदार होते तो गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं पेयजल सहित अन्य सुविधाओं की स्थायी व्यवस्था कराते। उक्रांद कार्यकर्ताओं ने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान ही गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन सरकारें अब तक जनभावनाओं की अनदेखी कर रही हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि राज्य निर्माण के लिए कई आंदोलनकारियों ने बलिदान दिया। आंदोलन के दौरान कई घर-परिवार बर्बाद हो गए, लेकिन सभी सरकारें जनभावनाओं की अनदेखी करती रहीं। अब उत्तराखंड की जनता फिर से संघर्ष के लिए तैयार है। यदि शीघ्र ही गैरसैंण स्थायी राजधानी घोषित न की गई तो फिर सड़कों पर उतर कर संघर्ष किया जाएगा। धरने में महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री, जिला अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह रांगढ़, लताफ त हुसैन, सुनील ध्यानी, जय प्रकाश उपाध्याय, बिलास गौड़, धर्मेंद्र कठैत, वाहिद खान, गौरव उनियाल, गौरव, कैलाश राणा, गौरव उनियाल, वीरेंद्र बिष्ट, ललित घिल्डियाल, विजय क्षेत्री, सचिन क्षेत्री ,ललित कुमार आदि शामिल रहे।
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