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आरटीई : बच्चों से शुल्क वसूले जाने के मामले में जांच के आदेश
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आरटीई : बच्चों से शुल्क वसूले जाने के मामले में जांच के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राजपुर रोड स्थित स्कॉलर्स होम स्कूल में आरटीई के तहत बच्चों से प्रवेश शुल्क और काशन मनी लिए जाने के मामले में उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश जारी किए हैं।
आयोग अध्यक्ष ऊषा नेगी का कहना है कि जिला परियोजना अधिकारी (सर्व शिक्षा अभियान) की ओर से की गई जांच में पाया गया कि बच्चों से शुल्क और पुस्तकों के नाम से वसूली की गई। सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी की ओर से अवगत कराया गया है कि स्कूल में अन्य प्रकाशकों की पुस्तकें रखे जाने के साथ ही उनकी बिक्री की जा रही है जो नियमों के प्रतिकूल है। आयोग अध्यक्ष ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि वह 12 जून को विद्यालय की जांच कर तमाम पहलुओं पर रिपोर्ट आयोग को उपलब्ध कराएं। यदि गड़बड़ियां पाई जाएं तो राज्य सरकार का अनापत्ति प्रमाणपत्र निरस्त करते हुए सीबीएसई की संबद्धता समाप्त करने की कार्रवाई की जाए।
उल्लेखनीय है कि बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष ने पिछले कुछ दिनों के भीतर राजधानी के कई स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई है। उनका कहना है कि स्कूलों में पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं के हितों की अनदेखी नहीं की सकती है। ऐसा करने वाले स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राजपुर रोड स्थित स्कॉलर्स होम स्कूल में आरटीई के तहत बच्चों से प्रवेश शुल्क और काशन मनी लिए जाने के मामले में उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश जारी किए हैं।
आयोग अध्यक्ष ऊषा नेगी का कहना है कि जिला परियोजना अधिकारी (सर्व शिक्षा अभियान) की ओर से की गई जांच में पाया गया कि बच्चों से शुल्क और पुस्तकों के नाम से वसूली की गई। सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी की ओर से अवगत कराया गया है कि स्कूल में अन्य प्रकाशकों की पुस्तकें रखे जाने के साथ ही उनकी बिक्री की जा रही है जो नियमों के प्रतिकूल है। आयोग अध्यक्ष ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि वह 12 जून को विद्यालय की जांच कर तमाम पहलुओं पर रिपोर्ट आयोग को उपलब्ध कराएं। यदि गड़बड़ियां पाई जाएं तो राज्य सरकार का अनापत्ति प्रमाणपत्र निरस्त करते हुए सीबीएसई की संबद्धता समाप्त करने की कार्रवाई की जाए।
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उल्लेखनीय है कि बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष ने पिछले कुछ दिनों के भीतर राजधानी के कई स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई है। उनका कहना है कि स्कूलों में पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं के हितों की अनदेखी नहीं की सकती है। ऐसा करने वाले स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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