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भेल के लैब टेक्नीशियन और केमिकल सप्लायर को सजा
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भेल के लैब टेक्नीशियन और केमिकल सप्लायर को सजा
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। सीबीआई विशेष न्यायाधीश सुजाता सिंह की अदालत ने भारत हैवी इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (भेल) के क्वालिटी कंट्रोल लैब के तकनीशियन को पांच वर्ष और केमिकल सप्लायर को चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सप्लायर ने भेल को घटिया किस्म का केमिकल सप्लाई किया, जिसके सैंपल को लैब तकनीशियन ने पास किया था। अदालत ने तकनीशियन पर 21 हजार और सप्लायर पर 16 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसके साथ ही सप्लायर की दो फर्मों पर 13 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
सीबीआई अधिवक्ता सतीश कुमार ने बताया कि आठ मार्च 2010 को एक गोपनीय शिकायत के आधार पर भेल हरिद्वार में सीबीआई टीम ने छापा मारा था। वहां से चार अलग-अलग तरह के केमिकल के नौ सैंपल लिए गए, जिन्हें जमशेदपुर प्रयोगशाला भेजा गया था। वहां से आई रिपोर्ट में पता चला कि ये केमिकल घटिया किस्म के हैं। इस आधार पर सीबीआई ने 17 मई 2010 को भेल के क्वालिटी कंट्रोल सुपरवाइजर आरके कपिल निवासी भैरव मंदिर रोड कनखल हरिद्वार और सप्लायर श्रवण गुप्ता निवासी विवेक विहार रानीपुर मोड़ हरिद्वार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
मुकदमे की जांच शुरू हुई और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में सीबीआई ने करीब एक साल बाद तीन जुलाई 2011 को चार्जशीट दाखिल कर दी। अधिवक्ता सतीश कुमार ने बताया कि अभियोजन की ओर से इस मुकदमे में कुल 23 गवाह पेश किए गए थे। बृहस्पतिवार को सीबीआई विशेष न्यायाधीश सुजाता सिंह ने दोनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। इस मामले में लगभग नौ वर्ष बाद फैसला सुनाया गया है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। सीबीआई विशेष न्यायाधीश सुजाता सिंह की अदालत ने भारत हैवी इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (भेल) के क्वालिटी कंट्रोल लैब के तकनीशियन को पांच वर्ष और केमिकल सप्लायर को चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सप्लायर ने भेल को घटिया किस्म का केमिकल सप्लाई किया, जिसके सैंपल को लैब तकनीशियन ने पास किया था। अदालत ने तकनीशियन पर 21 हजार और सप्लायर पर 16 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसके साथ ही सप्लायर की दो फर्मों पर 13 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
सीबीआई अधिवक्ता सतीश कुमार ने बताया कि आठ मार्च 2010 को एक गोपनीय शिकायत के आधार पर भेल हरिद्वार में सीबीआई टीम ने छापा मारा था। वहां से चार अलग-अलग तरह के केमिकल के नौ सैंपल लिए गए, जिन्हें जमशेदपुर प्रयोगशाला भेजा गया था। वहां से आई रिपोर्ट में पता चला कि ये केमिकल घटिया किस्म के हैं। इस आधार पर सीबीआई ने 17 मई 2010 को भेल के क्वालिटी कंट्रोल सुपरवाइजर आरके कपिल निवासी भैरव मंदिर रोड कनखल हरिद्वार और सप्लायर श्रवण गुप्ता निवासी विवेक विहार रानीपुर मोड़ हरिद्वार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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मुकदमे की जांच शुरू हुई और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में सीबीआई ने करीब एक साल बाद तीन जुलाई 2011 को चार्जशीट दाखिल कर दी। अधिवक्ता सतीश कुमार ने बताया कि अभियोजन की ओर से इस मुकदमे में कुल 23 गवाह पेश किए गए थे। बृहस्पतिवार को सीबीआई विशेष न्यायाधीश सुजाता सिंह ने दोनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। इस मामले में लगभग नौ वर्ष बाद फैसला सुनाया गया है।
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