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श्रीनगर निवासी अनिल कुमार बीआआरओ में बने एडीजी
Updated Fri, 14 Dec 2018 09:47 PM IST
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श्रीनगर। श्रीनगर निवासी अनिल कुमार के बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) में एडीजी (अपर महानिदेशक) बनने पर स्थानीय निवासियों ने खुशी जताई। विभागीय भर्ती में एडीजी सर्वोच्च पद है।
श्रीनगर निवासी ज्वैलर्स स्व. सुंदर लाल शाह और स्व. राजेंद्री देवी की ज्येष्ठ पुत्र अनिल कुमार को शुक्रवार को बीआरओ में एडीजी पद तैनाती मिली। बीआरओ के महानिदेशक ले. जनरल हरपाल सिंह ने उनके कॉलर में रैंक सुशोभित किए। एडीजी अनिल कुमार को भारत की सीमाओं पर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में काम करने का लंबा अनुभव है। उनको पुल विशेषज्ञ माना जाता है। वह अरुणाचल प्रदेश व लेह-लद्दाख सहित अन्य क्षेत्रों में बीआरओ के चीफ इंजीनियर रह चुके हैं। हाल में ही वह अरुणाचल से स्थानांतरित होकर दिल्ली मुख्यालय में उपमहानिदेशक के पद पर तैनात हुए थे।
अनिल के छोटे भाई राजीव विश्नोई ने बताया कि उनकी शिक्षा-दीक्षा श्रीनगर से हुई है। उन्होंने सीमित संसाधनों में बिना किसी कोचिंग के इंजीनियरिंग की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उन्होंने इंटरमीडिएट (1977) जीआईसी श्रीनगर, बीटेक रुड़की इंजीनियरिंग कॉलेज (वर्तमान में आईआईटी), एमटेक (सिविल) रुड़की इंजीनियरिंग कॉलेज किया है। वह आईईएस (भारतीय इंजीनियरिंग सेवा) 1983 बैच के अधिकारी हैं। उन्होंने कारगिल में सड़क निर्माण पर अवार्ड भी मिला। अनिल के एडीजी बनने पर उनके साथी नीरज नैथानी, गिरीश पैन्यूली, अनिल स्वामी व राकेश ध्यानी आदि ने प्रसन्नता जताई है।
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श्रीनगर निवासी ज्वैलर्स स्व. सुंदर लाल शाह और स्व. राजेंद्री देवी की ज्येष्ठ पुत्र अनिल कुमार को शुक्रवार को बीआरओ में एडीजी पद तैनाती मिली। बीआरओ के महानिदेशक ले. जनरल हरपाल सिंह ने उनके कॉलर में रैंक सुशोभित किए। एडीजी अनिल कुमार को भारत की सीमाओं पर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में काम करने का लंबा अनुभव है। उनको पुल विशेषज्ञ माना जाता है। वह अरुणाचल प्रदेश व लेह-लद्दाख सहित अन्य क्षेत्रों में बीआरओ के चीफ इंजीनियर रह चुके हैं। हाल में ही वह अरुणाचल से स्थानांतरित होकर दिल्ली मुख्यालय में उपमहानिदेशक के पद पर तैनात हुए थे।
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अनिल के छोटे भाई राजीव विश्नोई ने बताया कि उनकी शिक्षा-दीक्षा श्रीनगर से हुई है। उन्होंने सीमित संसाधनों में बिना किसी कोचिंग के इंजीनियरिंग की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। उन्होंने इंटरमीडिएट (1977) जीआईसी श्रीनगर, बीटेक रुड़की इंजीनियरिंग कॉलेज (वर्तमान में आईआईटी), एमटेक (सिविल) रुड़की इंजीनियरिंग कॉलेज किया है। वह आईईएस (भारतीय इंजीनियरिंग सेवा) 1983 बैच के अधिकारी हैं। उन्होंने कारगिल में सड़क निर्माण पर अवार्ड भी मिला। अनिल के एडीजी बनने पर उनके साथी नीरज नैथानी, गिरीश पैन्यूली, अनिल स्वामी व राकेश ध्यानी आदि ने प्रसन्नता जताई है।
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