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जोशीमठ में बनेगा चमोली का दूसरा कृषि विज्ञान केंद्र
Updated Fri, 30 Nov 2018 09:51 PM IST
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कर्णप्रयाग। चमोली जिले में जल्द ही दूसरा कृषि विज्ञान केंद्र बनेगा। उद्यान विभाग के जोशीमठ स्थित कोटी फार्म में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने की स्वीकृति केंद्र सरकार से मिल चुकी है। इस केंद्र का निर्माण गोविंद बल्लभ कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर कराएगा।
चमोली जिले में किसानों को आधुनिक कृषि, कृषिकरण और उद्यानीकरण से अधिक से अधिक आय, फसलों में लगने वाले रोग के अलावा प्रयोगशाला में नई तकनीकी को जमीन पर उतारने के लिए ग्वालदम में कृषि विज्ञान केंद्र संचालित है। जिले की विषम भौगोलिक परिस्थिति और ग्वालदम के कुमाऊं की सीमा पर होने के चलते पूरे जिले के किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। किसानों की मांग पर करीब दो वर्ष पूर्व यहां केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र खोले जाने की घोषणा की थी। इस पर जांच और अन्य प्रक्रियाओं के बाद अब उद्यान विभाग के जोशीमठ राजकीय उद्यान कोटी में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने की स्वीकृति केंद्र सरकार से मिली है। चमोली के मुख्य उद्यान अधिकारी नरेंद्र यादव ने बताया कि जोशीमठ में बनने वाला यह केंद्र देश का ऐसा दूसरा कृषि विज्ञान केंद्र है जो पहाड़ी परिवेश को देखते हुए शिथिल मानकों के अनुसार बनाया जाएगा। कृषि विज्ञान केंद्र के लिए करीब 20 हेक्टेयर की भूमि चाहिए, लेकिन चमोली में कहीं भी 20 हेक्टेयर भूमि नहीं थी। ऐसे में केंद्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र की ओर से मानक शिथिल करते हुए पहला कृषि विज्ञान केंद्र जम्मू और कश्मीर में बनाया गया, जबकि दूसरा उत्तराखंड का कृषि विज्ञान केंद्र जोशीमठ होगा। उन्होंने बताया कि जोशीमठ और आसपास के क्षेत्र आलू, राजमा, सेब सहित अन्य फसलों के लिए प्रसिद्ध है। ऐसे में यहां कृषि विज्ञान केंद्र बनने से किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा।
चमोली जिले में किसानों को आधुनिक कृषि, कृषिकरण और उद्यानीकरण से अधिक से अधिक आय, फसलों में लगने वाले रोग के अलावा प्रयोगशाला में नई तकनीकी को जमीन पर उतारने के लिए ग्वालदम में कृषि विज्ञान केंद्र संचालित है। जिले की विषम भौगोलिक परिस्थिति और ग्वालदम के कुमाऊं की सीमा पर होने के चलते पूरे जिले के किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। किसानों की मांग पर करीब दो वर्ष पूर्व यहां केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र खोले जाने की घोषणा की थी। इस पर जांच और अन्य प्रक्रियाओं के बाद अब उद्यान विभाग के जोशीमठ राजकीय उद्यान कोटी में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने की स्वीकृति केंद्र सरकार से मिली है। चमोली के मुख्य उद्यान अधिकारी नरेंद्र यादव ने बताया कि जोशीमठ में बनने वाला यह केंद्र देश का ऐसा दूसरा कृषि विज्ञान केंद्र है जो पहाड़ी परिवेश को देखते हुए शिथिल मानकों के अनुसार बनाया जाएगा। कृषि विज्ञान केंद्र के लिए करीब 20 हेक्टेयर की भूमि चाहिए, लेकिन चमोली में कहीं भी 20 हेक्टेयर भूमि नहीं थी। ऐसे में केंद्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र की ओर से मानक शिथिल करते हुए पहला कृषि विज्ञान केंद्र जम्मू और कश्मीर में बनाया गया, जबकि दूसरा उत्तराखंड का कृषि विज्ञान केंद्र जोशीमठ होगा। उन्होंने बताया कि जोशीमठ और आसपास के क्षेत्र आलू, राजमा, सेब सहित अन्य फसलों के लिए प्रसिद्ध है। ऐसे में यहां कृषि विज्ञान केंद्र बनने से किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा।
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