{"_id":"5bf712bfbdec22415c7d057b","slug":"154291889411-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जागड़ा पर्व : कयलू देवता मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जागड़ा पर्व : कयलू देवता मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
Updated Fri, 23 Nov 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, साहिया
मोकाड खड्ड स्थित कयलू देवता मंदिर में जागड़ा पर्व धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने देव दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। देव पालकी के दर्शन को लोग आतुर नजर आए। दोपहर के समय मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
सुबह के समय देव चिन्हों को स्नान के लिए हरिपुर स्थित यमुना तट पर ले जाया गया। जगह-जगह लोगों ने देव चिन्हों का फूलों की वर्षा से स्वागत किया। वापसी में दोपहर करीब एक बजे देव चिन्ह साहिया स्थित सनातन धर्म मंदिर परिसर में पहुंचे। जहां लोगों ने पद चिन्हों का ढोल-दमाऊ के साथ जोरदार स्वागत किया। करीब तीज बजे देव चिन्हों की पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मंदिर के गर्भगृह में पुर्नस्थापित किया गया। पूरा मंदिर परिसर कयलू देवता के उद्घोष से गूंज उठा। लोगों ने देव सम्मान में ढोल-दमाऊ की थाप पर नृत्य भी किया।
इस मौके पर मंदिर के पुजारी विक्रम सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य गदेंल सिंह, इंदर सिंह, केशर सिंह तोमर, शूरवीर सिंह तोमर, गोपाल सिंह तोमर, आनंद सिंह तोमर, सूरत सिंह तोमर, जगत सिंह तोमर, श्याम सिंह चौहान, नाग चंद तोमर, अमर सिंह तोमर, जसपाल सिंह पंवार, विक्रम वर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मोकाड खड्ड स्थित कयलू देवता मंदिर में जागड़ा पर्व धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने देव दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। देव पालकी के दर्शन को लोग आतुर नजर आए। दोपहर के समय मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
सुबह के समय देव चिन्हों को स्नान के लिए हरिपुर स्थित यमुना तट पर ले जाया गया। जगह-जगह लोगों ने देव चिन्हों का फूलों की वर्षा से स्वागत किया। वापसी में दोपहर करीब एक बजे देव चिन्ह साहिया स्थित सनातन धर्म मंदिर परिसर में पहुंचे। जहां लोगों ने पद चिन्हों का ढोल-दमाऊ के साथ जोरदार स्वागत किया। करीब तीज बजे देव चिन्हों की पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मंदिर के गर्भगृह में पुर्नस्थापित किया गया। पूरा मंदिर परिसर कयलू देवता के उद्घोष से गूंज उठा। लोगों ने देव सम्मान में ढोल-दमाऊ की थाप पर नृत्य भी किया।
विज्ञापन
इस मौके पर मंदिर के पुजारी विक्रम सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य गदेंल सिंह, इंदर सिंह, केशर सिंह तोमर, शूरवीर सिंह तोमर, गोपाल सिंह तोमर, आनंद सिंह तोमर, सूरत सिंह तोमर, जगत सिंह तोमर, श्याम सिंह चौहान, नाग चंद तोमर, अमर सिंह तोमर, जसपाल सिंह पंवार, विक्रम वर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन