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ठेलों पर सजी दुकानों से गंगा में बढ़ रहा प्रदूषण
Updated Sat, 13 Oct 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
मुनिकीरेती। मुनिकीरेती स्वर्गाश्रम और लक्ष्मणझूला के गंगा घाटों पर अवैध रूप से दुकानें सजाने का सिलसिला जारी है। इससे यहां पर आने वाले पर्यटकों व तीर्थयात्रियों को हो रही दिक्कतों के साथ ही गंगा में प्रदूषण बढ़ रहा है।
पर्यटन व तीर्थाटन की दृष्टि से मुनिकीरेती स्वर्गाश्रम क्षेत्र विश्व में प्रसिद्ध है। इन क्षेत्रों के गंगा घाटों पर हर रोज हजारों तीर्थ यात्री गंगा स्नान करने आते है। फिलवक्त मुनिकीरेती से लेकर लक्ष्मणझूला तक सभी गंगा घाटों पर चाट पकौड़ी बेचने वाले व प्लास्टिक के कैन बेचने वालों का कब्जा है। गंगा घाटों पर सजी इन दुकानों के चलते तीर्थयत्रियों को गंगा स्नान व पूजा करने में दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। अक्सर गंगा घाटों पर चाट पकौड़ी की दुकान लगाने वाले प्लास्टिक से बनी वस्तुओं पर खाने पीने की चीजें परोसते हैं। इसके बाद यही प्लास्टिक गंगा में गिरती है।
एनजीटी के आदेशों की अवहेलना
गंगा घाटों पर प्लास्टिक से बनी वस्तुओं पर एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रियूबनल) ने रोक लगा रखी है। इसके बावजूद भी गंगा घाटों पर प्लास्टिक की बोतल और कैनखुलेआम बिक रहे हैं। गंगा घाटों पर सजी इन दुकानों को रोकने में नगर पालिका, नगर पंचायत और स्थानीय प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के चलते अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं।
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गंगा घाटों पर प्लास्टिक से बनी वस्तुओं पर रोक लगाई गई है। गंगा घाटों पर दुकान सजाने वालों को कई बार हटाया जा चुका है। अगर फिर भी गंगा घाटों पर प्रतिबंधित वस्तुएं बिक रही हैं तो ऐसे लोगों के विरुद्ध जुर्माना लगाने की जाएगी।
-मोहन प्रसाद गौड़, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक
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मुनिकीरेती। मुनिकीरेती स्वर्गाश्रम और लक्ष्मणझूला के गंगा घाटों पर अवैध रूप से दुकानें सजाने का सिलसिला जारी है। इससे यहां पर आने वाले पर्यटकों व तीर्थयात्रियों को हो रही दिक्कतों के साथ ही गंगा में प्रदूषण बढ़ रहा है।
पर्यटन व तीर्थाटन की दृष्टि से मुनिकीरेती स्वर्गाश्रम क्षेत्र विश्व में प्रसिद्ध है। इन क्षेत्रों के गंगा घाटों पर हर रोज हजारों तीर्थ यात्री गंगा स्नान करने आते है। फिलवक्त मुनिकीरेती से लेकर लक्ष्मणझूला तक सभी गंगा घाटों पर चाट पकौड़ी बेचने वाले व प्लास्टिक के कैन बेचने वालों का कब्जा है। गंगा घाटों पर सजी इन दुकानों के चलते तीर्थयत्रियों को गंगा स्नान व पूजा करने में दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। अक्सर गंगा घाटों पर चाट पकौड़ी की दुकान लगाने वाले प्लास्टिक से बनी वस्तुओं पर खाने पीने की चीजें परोसते हैं। इसके बाद यही प्लास्टिक गंगा में गिरती है।
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एनजीटी के आदेशों की अवहेलना
गंगा घाटों पर प्लास्टिक से बनी वस्तुओं पर एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रियूबनल) ने रोक लगा रखी है। इसके बावजूद भी गंगा घाटों पर प्लास्टिक की बोतल और कैनखुलेआम बिक रहे हैं। गंगा घाटों पर सजी इन दुकानों को रोकने में नगर पालिका, नगर पंचायत और स्थानीय प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के चलते अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं।
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गंगा घाटों पर प्लास्टिक से बनी वस्तुओं पर रोक लगाई गई है। गंगा घाटों पर दुकान सजाने वालों को कई बार हटाया जा चुका है। अगर फिर भी गंगा घाटों पर प्रतिबंधित वस्तुएं बिक रही हैं तो ऐसे लोगों के विरुद्ध जुर्माना लगाने की जाएगी।
-मोहन प्रसाद गौड़, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक