{"_id":"5bbfb6a4bdec2250457d9df2","slug":"153929076113-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आसन में बसने लगा प्रवासी पक्षियों का संसार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आसन में बसने लगा प्रवासी पक्षियों का संसार
Updated Fri, 12 Oct 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- सुर्खाब समेत लोकल माइग्रेटरी पक्षियों ने दी दस्तक, वन विभाग ने पूरी की तैयारियां
ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर। सर्दियों की आहट के साथ ही आसन कंजरवेशन रिजर्व के चारों ओर प्रवासी पक्षियों का संसार बसने लगा है। साइबेरियन पक्षी सुर्खाब के साथ ही अन्य लोकल माइग्रेटरी पक्षियों ने भी आसन झील में दस्तक देना शुरू कर दिया है। अब तक करीब 30-40 सुर्खाब आसन झील में अपनी आमद दर्ज करा चुुके हैं। आसन झील के संसार में इन पक्षियों को उतरता देख पक्षी प्रेमियों के चेहरे खिल उठे हैं। प्रदेश के उच्च हिमालयी क्षेत्र में रहने वाले पक्षियों ने आसन कंजरवेशन रिजर्व के चारों ओर बसे जंगलों को अपना प्रवास स्थल बनाना शुरू कर दिया है। पक्षियों को आसन झील में उतरता देख वन विभाग ने भी झील के चारों ओर सुरक्षा के लिए चौकसी बढ़ा दी है।
मालूम हो कि हर साल सुर्खाब समेत कई विदेशी पक्षी 2000 किमी से भी अधिक का सफर तय कर आसन झील के संसार में उतरते हैं। अक्तूबर माह के प्रथम सप्ताह में यह पक्षी आसन झील पहुंचना शुरू कर देते हैं। जिसके बाद मार्च तक आसन ही इन परिंदों का घरोंदा होता है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार धीरे-धीरे पक्षियों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी पक्षियों की संख्य?ा भी तेजी से बढ़ेगी।
इन परिदों ने दी दस्तक
सुर्खाब के साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाली कैनरी फ्लाइ कैचर, वाइट वैट टेल, स्पैंगल ड्रोगों, सनबर्ड्स समेत कई लोकल माइग्रेटरी पक्षियों ने आसन वेटलैंड कंजरवेशन रिजर्व में अपनी दस्तक दे दी है।
विज्ञापन
विदेशी परिंदो के आगमन के लिए विभाग पूरी से तैयार है। इसके लिए मड फ्लैट की सफाई कराई गई है। रात्रि गश्त बढ़ा दी गई है।
- प्रदीप सक्सेना, वन बीट अधिकारी
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर। सर्दियों की आहट के साथ ही आसन कंजरवेशन रिजर्व के चारों ओर प्रवासी पक्षियों का संसार बसने लगा है। साइबेरियन पक्षी सुर्खाब के साथ ही अन्य लोकल माइग्रेटरी पक्षियों ने भी आसन झील में दस्तक देना शुरू कर दिया है। अब तक करीब 30-40 सुर्खाब आसन झील में अपनी आमद दर्ज करा चुुके हैं। आसन झील के संसार में इन पक्षियों को उतरता देख पक्षी प्रेमियों के चेहरे खिल उठे हैं। प्रदेश के उच्च हिमालयी क्षेत्र में रहने वाले पक्षियों ने आसन कंजरवेशन रिजर्व के चारों ओर बसे जंगलों को अपना प्रवास स्थल बनाना शुरू कर दिया है। पक्षियों को आसन झील में उतरता देख वन विभाग ने भी झील के चारों ओर सुरक्षा के लिए चौकसी बढ़ा दी है।
मालूम हो कि हर साल सुर्खाब समेत कई विदेशी पक्षी 2000 किमी से भी अधिक का सफर तय कर आसन झील के संसार में उतरते हैं। अक्तूबर माह के प्रथम सप्ताह में यह पक्षी आसन झील पहुंचना शुरू कर देते हैं। जिसके बाद मार्च तक आसन ही इन परिंदों का घरोंदा होता है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार धीरे-धीरे पक्षियों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी पक्षियों की संख्य?ा भी तेजी से बढ़ेगी।
विज्ञापन
इन परिदों ने दी दस्तक
सुर्खाब के साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाली कैनरी फ्लाइ कैचर, वाइट वैट टेल, स्पैंगल ड्रोगों, सनबर्ड्स समेत कई लोकल माइग्रेटरी पक्षियों ने आसन वेटलैंड कंजरवेशन रिजर्व में अपनी दस्तक दे दी है।
विज्ञापन
विदेशी परिंदो के आगमन के लिए विभाग पूरी से तैयार है। इसके लिए मड फ्लैट की सफाई कराई गई है। रात्रि गश्त बढ़ा दी गई है।
- प्रदीप सक्सेना, वन बीट अधिकारी