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भगवान भोलेनाथ को बदरीनाथ में मिली थी ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति
Updated Sun, 07 Oct 2018 09:52 PM IST
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भगवान भोलेनाथ को बदरीनाथ में मिली थी ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति
बदरीनाथ में पितर मोक्ष साधना कार्यक्रम में बोले सद्गुरु स्वामी कृष्णानंद जी महाराज
अमर उजाला ब्यूरो
गोपेश्वर। सदविप्र समाज सेवा के संस्थापक सद्गुरु स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने रविवार को बदरीनाथ में अपने सैकड़ों भक्तों के साथ पितर मोक्ष साधना कार्यक्रम आयोजित किया। सद्गुरु ने कहा कि बदरीनाथ धाम में तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है, इसलिए भगवान कृष्ण की आज्ञा लेकर पांडव भी पितरों के उद्घार के लिए बदरीनाथ में तर्पण के लिए पहुंचे थे। भगवान भोलेनाथ को भी ब्रह्म हत्या के पाप से बदरीनाथ धाम में ही मुक्ति मिली थी।
सद्गुरु ने कहा कि विश्व में अकेला बदरीनाथ धाम ऐसा स्थान है, जहां भगवान विष्णु तपस्यारत हैं, लिहाजा यह स्थान तपस्या के लिए सर्वश्रेष्ठ है। कार्यक्रम में बाहर आए तीर्थयात्रियों के साथ ही स्थानीय भक्तों ने भी प्रतिभाग किया। पितर मोक्ष साधना कार्यक्रम सोमवार तक आयोजित होगा। इसके बाद 16 अक्तूबर तक धाम में वैदिक कर्मकांड, ध्यान और साधना कार्यक्रम आयोजित होंगे। सदविप्र समाज सेवा के प्रदेश प्रभारी महात्मा विनोद ने बताया कि सद्गुरु स्वामी कृष्णानंद जी महाराज और आचार्य संतोष शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों भक्तों ने भाग लिया।
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भगवान भोलेनाथ को बदरीनाथ में मिली थी ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति
बदरीनाथ में पितर मोक्ष साधना कार्यक्रम में बोले सद्गुरु स्वामी कृष्णानंद जी महाराज
अमर उजाला ब्यूरो
गोपेश्वर। सदविप्र समाज सेवा के संस्थापक सद्गुरु स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने रविवार को बदरीनाथ में अपने सैकड़ों भक्तों के साथ पितर मोक्ष साधना कार्यक्रम आयोजित किया। सद्गुरु ने कहा कि बदरीनाथ धाम में तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है, इसलिए भगवान कृष्ण की आज्ञा लेकर पांडव भी पितरों के उद्घार के लिए बदरीनाथ में तर्पण के लिए पहुंचे थे। भगवान भोलेनाथ को भी ब्रह्म हत्या के पाप से बदरीनाथ धाम में ही मुक्ति मिली थी।
सद्गुरु ने कहा कि विश्व में अकेला बदरीनाथ धाम ऐसा स्थान है, जहां भगवान विष्णु तपस्यारत हैं, लिहाजा यह स्थान तपस्या के लिए सर्वश्रेष्ठ है। कार्यक्रम में बाहर आए तीर्थयात्रियों के साथ ही स्थानीय भक्तों ने भी प्रतिभाग किया। पितर मोक्ष साधना कार्यक्रम सोमवार तक आयोजित होगा। इसके बाद 16 अक्तूबर तक धाम में वैदिक कर्मकांड, ध्यान और साधना कार्यक्रम आयोजित होंगे। सदविप्र समाज सेवा के प्रदेश प्रभारी महात्मा विनोद ने बताया कि सद्गुरु स्वामी कृष्णानंद जी महाराज और आचार्य संतोष शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों भक्तों ने भाग लिया।
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