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छात्र-छात्राओं को मौलिक ज्ञान कराए उपलब्ध:कुलपति
Updated Sun, 30 Sep 2018 10:40 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने शिक्षकों को छात्रों की ओर से सीबीसीएस (च्वाइस बेस क्रेडिस सिस्टम) के बारे में उठाए जा रहे सवालों का धैर्यपूर्वक जवाब देने के लिए कहा। कहा कि कि सीबीसीएस की भ्रांति दूर करना शिक्षकों का कर्तव्य है।
गढ़वाल विवि के फैकल्टी डवलेपमेंट सेंटर में चल रहे फैकल्टी ओरिएंटेशन प्रोग्राम (शिक्षक अभिमुखीकरण कार्यक्रम) के समापन अवसर पर पहुंची कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने कहा कि शिक्षकों के व्यक्तिगत प्रयासों, आत्मविश्लेषण, बुद्धिमत्ता और निष्ठा से छात्रों को चतुर्मुखी विकास होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को छात्रों की ओर से सीबीसीएस के बारे में उठाए जा रहे सवालों का धैर्यपूर्वक जवाब देना चाहिए। कई बार शिक्षकों को ग्रेडिंग और सेशनल आदि के बारे में पता नहीं होता, ऐसे में छात्रों का मार्गदर्शन नहीं हो पाता। इसलिए शिक्षकों को सीबीसीएस सहित अन्य चीजों के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। कार्यक्रम संयोजक एफडीसी की निदेशिका प्रो. इंदू खंडूड़ी ने कहा कि 3 से 30 सितंबर तक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें देश के 14 विवि और अन्य संस्थानों से आमंत्रित 32 शिक्षाविदों ने व्याख्यान दिए। कार्यक्रम में महाविद्यालयों के शिक्षकों को उन्मुखी प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर विवि के वित्त अधिकारी प्रो. एनएस पंवार , एडीएम के सहायक निदेशक डा. जीके जोशी व डा. विजय प्रकाश भट्ट ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन रिसर्च एसोसिएट डा. कविता भट्ट ने किया। कुलपति व वित्त अधिकारी ने संयुक्त रुप से प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए।
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गढ़वाल विवि के फैकल्टी डवलेपमेंट सेंटर में चल रहे फैकल्टी ओरिएंटेशन प्रोग्राम (शिक्षक अभिमुखीकरण कार्यक्रम) के समापन अवसर पर पहुंची कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने कहा कि शिक्षकों के व्यक्तिगत प्रयासों, आत्मविश्लेषण, बुद्धिमत्ता और निष्ठा से छात्रों को चतुर्मुखी विकास होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को छात्रों की ओर से सीबीसीएस के बारे में उठाए जा रहे सवालों का धैर्यपूर्वक जवाब देना चाहिए। कई बार शिक्षकों को ग्रेडिंग और सेशनल आदि के बारे में पता नहीं होता, ऐसे में छात्रों का मार्गदर्शन नहीं हो पाता। इसलिए शिक्षकों को सीबीसीएस सहित अन्य चीजों के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। कार्यक्रम संयोजक एफडीसी की निदेशिका प्रो. इंदू खंडूड़ी ने कहा कि 3 से 30 सितंबर तक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें देश के 14 विवि और अन्य संस्थानों से आमंत्रित 32 शिक्षाविदों ने व्याख्यान दिए। कार्यक्रम में महाविद्यालयों के शिक्षकों को उन्मुखी प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर विवि के वित्त अधिकारी प्रो. एनएस पंवार , एडीएम के सहायक निदेशक डा. जीके जोशी व डा. विजय प्रकाश भट्ट ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन रिसर्च एसोसिएट डा. कविता भट्ट ने किया। कुलपति व वित्त अधिकारी ने संयुक्त रुप से प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए।
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