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कुपवाड़ा दबिश देने गई पुलिस लौटी बैरंग
Updated Fri, 28 Sep 2018 10:05 PM IST
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श्रीनगर। देश विरोधी नारे की पर्ची गढ़वाल विवि के प्रशासनिक भवन में चिपकाने के आरोपी को पकड़ने कुपवाड़ा जिला (जम्मू कश्मीर) गई पुलिस बैरंग लौटी। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने जिस पते के आधार पर देहरादून स्थित एक निजी संस्थान में प्रवेश लिया था वह फर्जी था।
जनवरी वर्ष 2017 में गढ़वाल विवि प्रशासनिक भवन के प्रथम तल पर तत्कालीन व्यावसायिक परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के बाहर दीवार पर भारत विरोधी नारे लिखी एक पर्ची चस्पा की गई थी। नारे एटीएम की रसीद के पिछले हिस्से पर लिखे गए थे। एटीएम रसीद की जांच करने पर जम्मू कश्मीर के एक युवक की पहचान की गई थी। जो गढ़वाल विवि से संबद्ध देहरादून के एक निजी संस्थान में अध्ययनरत था। छात्र की अन्य कॉपियों व पर्ची पर लिखे नारे की राइटिंग एक समान होने पर देश विरोधी नारे छात्र द्वारा लिखे होने की पुष्टि की गई थी। बाद में शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर छात्र के जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के होने की बात सामने आई थी। इसी माह कुछ दिन पूर्व कोतवाली पुलिस ने उक्त छात्र के शैक्षणिक दस्तावेजों में लिखे गए पते के आधार पर कुपवाड़ा में दबिश दी, लेकिन पुलिस के हाथ सफलता नहीं लगी। पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा। एसएसपी जगतराम जोशी ने बताया कि छात्र ने शैक्षणिक दस्तावेजों में जो पता लिखा है, उस पते पर उक्त नाम को कोई व्यक्ति नहीं मिला। पुलिस पते को फर्जी मान रही है।
फर्जी पते पर शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश गंभीर
श्रीनगर। फर्जी पते के आधार पर शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश को स्थानीय लोगों ने गंभीर बताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निजी संस्थान पैसों के लिए किसी भी बाहरी छात्र का गंभीरता पूर्वक सत्यापन नहीं करते हैं। वहीं मामले में देहरादून की एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने कहा कि पुलिस समय समय पर सत्यापन अभियान चलाती रहती है। ऐसे प्रकरणों को लेकर पुलिस गंभीर है।
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जनवरी वर्ष 2017 में गढ़वाल विवि प्रशासनिक भवन के प्रथम तल पर तत्कालीन व्यावसायिक परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के बाहर दीवार पर भारत विरोधी नारे लिखी एक पर्ची चस्पा की गई थी। नारे एटीएम की रसीद के पिछले हिस्से पर लिखे गए थे। एटीएम रसीद की जांच करने पर जम्मू कश्मीर के एक युवक की पहचान की गई थी। जो गढ़वाल विवि से संबद्ध देहरादून के एक निजी संस्थान में अध्ययनरत था। छात्र की अन्य कॉपियों व पर्ची पर लिखे नारे की राइटिंग एक समान होने पर देश विरोधी नारे छात्र द्वारा लिखे होने की पुष्टि की गई थी। बाद में शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर छात्र के जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के होने की बात सामने आई थी। इसी माह कुछ दिन पूर्व कोतवाली पुलिस ने उक्त छात्र के शैक्षणिक दस्तावेजों में लिखे गए पते के आधार पर कुपवाड़ा में दबिश दी, लेकिन पुलिस के हाथ सफलता नहीं लगी। पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा। एसएसपी जगतराम जोशी ने बताया कि छात्र ने शैक्षणिक दस्तावेजों में जो पता लिखा है, उस पते पर उक्त नाम को कोई व्यक्ति नहीं मिला। पुलिस पते को फर्जी मान रही है।
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फर्जी पते पर शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश गंभीर
श्रीनगर। फर्जी पते के आधार पर शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश को स्थानीय लोगों ने गंभीर बताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निजी संस्थान पैसों के लिए किसी भी बाहरी छात्र का गंभीरता पूर्वक सत्यापन नहीं करते हैं। वहीं मामले में देहरादून की एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने कहा कि पुलिस समय समय पर सत्यापन अभियान चलाती रहती है। ऐसे प्रकरणों को लेकर पुलिस गंभीर है।
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