चमोली: जंगल घास काटने गई देवरानी-जेठानी पर भालू का हमला, दोनों की मौत, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर
उत्तराखंड के पोखरी में जंगल घास काटने गई दो महिलाओं पर अचानक भालू ने हमला कर दिया। हमले से बचने की कोशिश में दोनों चट्टान से नीचे गिर गईं, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और दूसरी गंभीर रूप से घायल है।
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पोखरी विकासखंड में भालू के हमले के दौरान चट्टान से गिरने से देवरानी और जेठानी की मौत हो गई। दोनों महिलाओं की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है।
चमोली जिले के विकासखंड पोखरी में ग्राम पंचायत नैल के सिदेली गांव की देवरानी लक्ष्मी देवी (42) पत्नी गजेंद्र नेगी और जेठानी विमला देवी (55) पत्नी चंद्रशेखर सुबह करीब आठ बजे घास लेने घर के पास जंगल गई थीं। घर से करीब 200 मीटर आगे पहुंचते ही भालू ने दोनों पर हमला कर दिया। इसी दौरान दोनों खड़ी चट्टान से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। चीख पुकार सुनकर परिजन व अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। दोनों को तुरंत सीएचसी पोखरी पहुंचाया।
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तहसीलदार रामकिशोर ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों ने विमला देवी को मृत घोषित कर दिया, वहीं गंभीर रूप से घायल लक्ष्मी देवी को प्राथमिक उपचार देने के बाद हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया लेकिन श्रीनगर के पास पहुंचते ही लक्ष्मी देवी ने भी दम तोड़ दिया।
उधर, भालू के हमले की सूचना पर डीएफओ रजत सुमन, एसडीओ सोहन सिंह नेगी, वन क्षेत्राधिकारी कपिल गुसाईं सहित वन विभाग की टीम गांव पहुंची। उन्होंने घटना के बारे में लोगों से जानकारी ली। घटनास्थल पहुंचकर निरीक्षण भी किया। घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने अफसरों से उचित मुआवजा और भालू से निजात दिलाने की मांग की है।
पीड़ित परिवार को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा
सीएचसी पोखरी के चिकित्सक डॉ. सनी चौधरी और डॉ. मोहिनी ने बताया कि विमला देवी की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी, जबकि लक्ष्मी देवी भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई हैं। विमला देवी के शव का पोस्टमार्टम करने के लिए कर्णप्रयाग से डॉक्टरों की टीम सीएचसी पोखरी पहुंच रही है। घटना की जानकारी मिलते ही केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की नागनाथ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी कपिल गुसाईं सहित वनकर्मी भी अस्पताल पहुंच गए।
रेंजर कपिल गुसाईं ने बताया कि वन विभाग के कुछ कर्मचारियों को घायल महिला के साथ हायर सेंटर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा और क्षेत्र में वन विभाग की गश्त बढ़ाई जाएगी।वहीं, प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन और एसडीओ मोहन सिंह नेगी भी पोखरी पहुंच रहे हैं।
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वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोशभालू के हमले की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रीय लोग सीएचसी पोखरी पहुंच गए। घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से भालू की सक्रियता बनी हुई है, जिससे जंगल जाने वाली महिलाओं और ग्रामीणों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से भालू के आतंक से निजात दिलाने, प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल गश्त बढ़ाने और लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।