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बारिश ने काश्तकारों की मेहनत पर फेरा पानी
Updated Sun, 23 Sep 2018 09:20 PM IST
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गोपेश्वर। दो दिन से लगातार हो रही बारिश ने जिले के काश्तकारों की परेशानी बढ़ा दी है। इन दिनों काश्तकार धान की कटाई और मंडाई में लगे हुए थे, लेकिन अचानक मौसम में आए बदलाव से धान की कटी फसल खेतों में ही बर्बाद हो रही है। पोखरी क्षेत्र में शनिवार को हुई ओलावृष्टि से काश्तकारों की पूरी तरह से पक चुकी धान और दाल की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है।
घाट, पीपलकोटी, नंदप्रयाग, सैकोट, कर्णप्रयाग, गौचर, नारायणबगड़, थराली, देवाल, बछेर, घिंघराण, मंडल और जोशीमठ क्षेत्रों में ग्रामीणों की आजीविका कृषि पर ही निर्भर है, लेकिन इस वर्ष जंगली सूअरों के साथ ही मौसम की मार से ग्रामीणों की मेहनत पर पानी फिर गया है। दो दिन से हो रही बारिश से धान की कटाई और मंडाई प्रभावित हो गई है। पीपलकोटी की माहेश्वरी देवी, कमला, रामेश्वरी, राकेश, महेंद्र सिंह, पवन और सतेश्वरी का कहना है कि दो दिन से लगातार बारिश लगी हुई है, जबकि धान की फसल काटकर मंडाई के लिए खेतों में रखी हुई है। यदि मौसम जल्दी सामान्य नहीं हुआ, तो फसल नष्ट हो जाएगी। पोखरी के देवी प्रसाद थपलियाल का कहना है कि बारिश ने ग्रामीणों की छह माह की मेहनत पर पानी फेर दिया है। यह पहली बार देखने में आ रहा है कि मध्य सितंबर में लगातार बारिश हो रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से नष्ट हुई फसल के मुआवजे की मांग उठाई है।
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घाट, पीपलकोटी, नंदप्रयाग, सैकोट, कर्णप्रयाग, गौचर, नारायणबगड़, थराली, देवाल, बछेर, घिंघराण, मंडल और जोशीमठ क्षेत्रों में ग्रामीणों की आजीविका कृषि पर ही निर्भर है, लेकिन इस वर्ष जंगली सूअरों के साथ ही मौसम की मार से ग्रामीणों की मेहनत पर पानी फिर गया है। दो दिन से हो रही बारिश से धान की कटाई और मंडाई प्रभावित हो गई है। पीपलकोटी की माहेश्वरी देवी, कमला, रामेश्वरी, राकेश, महेंद्र सिंह, पवन और सतेश्वरी का कहना है कि दो दिन से लगातार बारिश लगी हुई है, जबकि धान की फसल काटकर मंडाई के लिए खेतों में रखी हुई है। यदि मौसम जल्दी सामान्य नहीं हुआ, तो फसल नष्ट हो जाएगी। पोखरी के देवी प्रसाद थपलियाल का कहना है कि बारिश ने ग्रामीणों की छह माह की मेहनत पर पानी फेर दिया है। यह पहली बार देखने में आ रहा है कि मध्य सितंबर में लगातार बारिश हो रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से नष्ट हुई फसल के मुआवजे की मांग उठाई है।
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