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सफलता की सबसे पहली सीढ़ी है शिक्षा: त्रिवेंद्र
Updated Fri, 14 Sep 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, मुनिकीरेती/ऋषिकेश । मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए शिक्षा सबसे पहली सीढ़ी है। बिना शिक्षा के सफलता पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। सरकार की ओर से राज्य में गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुनिकीरेती स्थित स्वामी पूर्णानंद डिग्री कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजूकेशन भवन का विधिवत लोकार्पण किया। इस मौके पर सीएम रावत ने स्वामी पूर्णानंद एजूकेशन सोसाइटी की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए संस्था की सराहना की।
उन्होंने कहा कि स्वामी पूर्णानंद परमहंस ने जन-जन को शिक्षा से जोड़ने का जो सपना देखा था, उसे सोसाइटी साकार करने में जुटी है। यह अपने आप में प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि पूर्णानंद एजूकेशन सोसाइटी व इसकी तरह अन्य संस्थान भी यदि अपने शुल्क को सीमित रखें, तो इससे गरीब पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को भी लाभ मिल सकेगा और वह जीवन में प्रगति कर सकेंगे। कृषिमंत्री व क्षेत्रीय विधायक सुबोध उनियाल ने कहा कि पूर्णानंद एजूकेशन सोसाइटी द्वारा क्षेत्र में आवश्यकता के अनुसार टेक्निकल एजूकेशन महाविद्यालय स्थापित कर महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसका लाभ ऋषिकेश समेत आसपास के क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को मिलेगा।
श्री पूर्णानंद सोसाइटी के अध्यक्ष मुकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि श्रीपूर्णानंद विद्या निकेतन समिति वर्ष-1970 से शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। स्वामी पूर्णानंद डिग्री कॉलेज में इस वर्ष 2018 से बीए व बीकॉम की कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। महाविद्यालय में बीएससी गृह विज्ञान, फूड टेक्नोलॉजी और इंफोरमेशन टेक्नोलॉजी के पाठ्यक्रम बीते पांच वर्षों से संचालित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर सोसाइटी के संरक्षक स्वामी गुरु प्रसाद परमहंस ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व कृषिमंत्री सुबोध उनियाल को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।
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इस मौके पर जिलाधिकारी सोनिका, संजय अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, डॉ. अपर्णा गर्ग, प्रदीप खंडेलवाल, प्राचार्य डॉ. ममता सुंदरियाल, संदीप मोहन, निशा कपटियाल, डॉ. हरीश रतूड़ी, पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल, प्रभुनाथ कुमार, विपिन कुमार, गोकुल सिंह, भुवनेश कुमार, निकिता आदि मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि स्वामी पूर्णानंद परमहंस ने जन-जन को शिक्षा से जोड़ने का जो सपना देखा था, उसे सोसाइटी साकार करने में जुटी है। यह अपने आप में प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि पूर्णानंद एजूकेशन सोसाइटी व इसकी तरह अन्य संस्थान भी यदि अपने शुल्क को सीमित रखें, तो इससे गरीब पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को भी लाभ मिल सकेगा और वह जीवन में प्रगति कर सकेंगे। कृषिमंत्री व क्षेत्रीय विधायक सुबोध उनियाल ने कहा कि पूर्णानंद एजूकेशन सोसाइटी द्वारा क्षेत्र में आवश्यकता के अनुसार टेक्निकल एजूकेशन महाविद्यालय स्थापित कर महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसका लाभ ऋषिकेश समेत आसपास के क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को मिलेगा।
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श्री पूर्णानंद सोसाइटी के अध्यक्ष मुकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि श्रीपूर्णानंद विद्या निकेतन समिति वर्ष-1970 से शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। स्वामी पूर्णानंद डिग्री कॉलेज में इस वर्ष 2018 से बीए व बीकॉम की कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। महाविद्यालय में बीएससी गृह विज्ञान, फूड टेक्नोलॉजी और इंफोरमेशन टेक्नोलॉजी के पाठ्यक्रम बीते पांच वर्षों से संचालित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर सोसाइटी के संरक्षक स्वामी गुरु प्रसाद परमहंस ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व कृषिमंत्री सुबोध उनियाल को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।
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इस मौके पर जिलाधिकारी सोनिका, संजय अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, डॉ. अपर्णा गर्ग, प्रदीप खंडेलवाल, प्राचार्य डॉ. ममता सुंदरियाल, संदीप मोहन, निशा कपटियाल, डॉ. हरीश रतूड़ी, पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल, प्रभुनाथ कुमार, विपिन कुमार, गोकुल सिंह, भुवनेश कुमार, निकिता आदि मौजूद थे।