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ई-हॉस्पिटल में संसाधनों का रोड़ा
Updated Mon, 06 Aug 2018 10:24 PM IST
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श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से संबद्ध बेस अस्पताल का 15 अगस्त तक ई-हॉस्पिटल (ऑनलाइन सुविधा से लैस) बनना मुश्किल दिख रहा है। अभी तक ई-हॉस्पिटल के लिए जरूरी संसाधन और स्टाफ संस्थान के पास उपलब्ध नहीं हो पाया है। हालांकि ई-हॉस्पिटल के नोडल अधिकारी/चिकित्सा अधीक्षक ने चिकित्सा स्वास्थ्य निदेशालय को रिक्वायरमेंट भेज दी है।
एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के अंतर्गत ओपीडी (वाह्यकालीन रोगी विभाग) के अलावा आईपीडी (अंतकालीन रोगी विभाग) व बिलिंग और डिस्चार्ज रिकार्ड ऑनलाइन होना है। शासन के आदेशों के तहत 15 अगस्त तक सभी जिला व बेस अस्पतालों की सेवाएं ऑनलाइन की जानी हैं। ताकि मरीजों को अस्पताल की किसी भी सुविधा के लिए लाइन में ना पड़े। इसमें प्रत्येक मरीज की यूनिक आईडी बनेगी। मरीज घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। अस्पताल के यूजर्स चार्जेज भी ऑन लाइन जमा होने लगेंगे, लेकिन अभी बेस अस्पताल में जरूरी संसाधन व स्टाफ नहीं है। ऐसे में निर्धारित तिथि पर ई-हॉस्पिटल बनाना मुश्किल है। इधर, बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केपी सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों ने ई-हॉस्पिटल के लिए रिक्वायरमेंट मांगी थी, जिस पर 20 कंप्यूटर सिस्टम, ब्राडबैंड कनेक्शन व सीनियर सपोर्ट एक्जक्यूटिव की डिमांड की गई है।
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एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के अंतर्गत ओपीडी (वाह्यकालीन रोगी विभाग) के अलावा आईपीडी (अंतकालीन रोगी विभाग) व बिलिंग और डिस्चार्ज रिकार्ड ऑनलाइन होना है। शासन के आदेशों के तहत 15 अगस्त तक सभी जिला व बेस अस्पतालों की सेवाएं ऑनलाइन की जानी हैं। ताकि मरीजों को अस्पताल की किसी भी सुविधा के लिए लाइन में ना पड़े। इसमें प्रत्येक मरीज की यूनिक आईडी बनेगी। मरीज घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। अस्पताल के यूजर्स चार्जेज भी ऑन लाइन जमा होने लगेंगे, लेकिन अभी बेस अस्पताल में जरूरी संसाधन व स्टाफ नहीं है। ऐसे में निर्धारित तिथि पर ई-हॉस्पिटल बनाना मुश्किल है। इधर, बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केपी सिंह ने बताया कि उच्च अधिकारियों ने ई-हॉस्पिटल के लिए रिक्वायरमेंट मांगी थी, जिस पर 20 कंप्यूटर सिस्टम, ब्राडबैंड कनेक्शन व सीनियर सपोर्ट एक्जक्यूटिव की डिमांड की गई है।
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