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वितीय स्वीकृति के बाद भी नहीं बनी सात करोड़ की सड़क

Thu, 02 Aug 2018 02:04 AM IST
Updated Thu, 02 Aug 2018 02:04 AM IST
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वितीय स्वीकृति के बाद भी नहीं बनी सात करोड़ की सड़क
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
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मुख्यमंत्री की विधानसभा क्षेत्र में ही बुनियादी सुविधाओं का विकास विभागीय खींचतान में फंस गया है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बावजूद सात करोड़ 39 लाख रुपये की बीरपुर-भोगपुर-थानो सड़क चौड़ीकरण योजना छह माह से अधर में है। अलबत्ता, स्थानीय लोगों को जर्जर मार्ग पर वाहनों में हिचकोले खाते हुए सफर करना पड़ रहा है।
राज्य सरकार ने बीरपुर-बड़कोट-भोगपुर-थानो के करीब नौ किलोमीटर मोटर मार्ग टू-लेन करने के लिए 739.33 लाख रुपये की मंजूरी दी थी। वित्तीय स्वीकृति मिलने पर इसके लिए लोनिवि की ऋषिकेश डिवीजन ने टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली। बावजूद इसके अभी तक सड़क चौड़ीकरण शुरू नहीं हो पाया है। इस बाबत स्थानीय लोग कई बार विभाग को लिखित व मौखिक रूप से गुहार लगा चुके हैं, फिर भी काम शुरू नहीं हो सका है।
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वन विभाग है रोड़ा
अधिशासी अभियंता बलराम मिश्रा के दावे पर यकीन करें, तो सड़क का चौड़ीकरण लोनिवि नहीं, बल्कि वन विभाग की वजह से अटका हुआ है। उन्होंने बताया कि चौड़ीकरण में 284 पेड़ आ रहे हैं, जिनका पातन किया जाना है, लेकिन वन विभाग लगातार बहाने बना रहा है। इसके चलते समय पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
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सिर्फ नाम की है गैंग बीट
भोगपुर क्षेत्र में मार्गों के रखरखाव के लिए गैंग बीट की व्यवस्था है, लेकिन वर्तमान में करीब 60 किलोमीटर के मार्ग के लिए महज दो से तीन गैंग बीट कर्मचारी हैं। रानीपोखरी न्याय पंचायत प्रधान संगठन के पूर्व अध्यक्ष पुष्पराज बहुगुणा ने क्षेत्र में सड़कों की देखभाल के लिए गैंग बीट में पर्याप्त कर्मचारियों की तैनात की मांग की है।

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वन विभाग की वजह से सड़क के चौड़ीकरण में दिक्कतें आ रही हैं। टेंडर कर दिए गए हैं, जल्द ही वन विभाग से पेड़ों के पातन का मामला साफ होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

बलराम मिश्रा, अधिशासी अभियंता, लोनिवि
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लोनिवि अफसर यह ही नहीं बता पा रहे हैं कि आखिर प्राइवेट, सिविल और फोरेस्ट लैंड चौड़ीकरण में कितनी आ रही है। उक्त मार्ग 1980 के दशक में बना था। पेड़ों की पातन की अनुमति तभी मिल सकती है, जब सही स्थिति स्पष्ट हो, लेकिन लोनिवि अधिकारी अभी तक कागजों में साफ हालात नहीं बता पा रहे हैं। इसके चलते यह समस्या आ रही है।
राजीव धीमान, डीएफओ, देहरादून
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