{"_id":"5b37b9704f1c1bf86e8babfc","slug":"153037860819-karnpryag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नारायणबगड़ के कुलसारी में वैज्ञानिक खेती के प्रयास शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नारायणबगड़ के कुलसारी में वैज्ञानिक खेती के प्रयास शुरू
Updated Sat, 30 Jun 2018 10:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नारायणबगड़। कृषि विभाग एवं एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना की ओर से कुलसारी में वैज्ञानिक खेती का प्रयास शुरू कर दिया गया है। योजना के तहत गौरा देवी आजीविका स्वायत्त सहकारिता समूह ने कुलसारी के भवानी राम की असिंचित भूमि का चयन किया और शनिवार से मशीनों की मदद से रोपाई का काम शुरू किया गया। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो खेती को वृहद स्तर पर किए जाने के प्रयास किए जाएंगे।
कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी आनंद कुमार गोस्वामी, आजीविका परियोजना के समन्वयक शिशुपाल कोठियाल ने बताया कि कुलसारी के भवानी राम का चयन विभागीय स्तर पर किया गया है। भवानी राम की 20 साल से असिंचित 5 नाली भूमि पर पहले पानी पहुंचाया गया। शनिवार को यहां धान की 1509 क्यारियां बनाकर 1509 प्रजाति के धान की रोपाई की गई। आजीविका के सुरेंद्र कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार की कृषि कल्याण योजना के तहत 80 प्रतिशत अनुदान पर यह योेजना चलाई जा रही है, जिसमें किसान को मल्टी क्रोप थ्रेसर, मंडुवा थ्रेसर, जलपंप, पावर टीलर सहित कई उपकरण दिए जा रहे हैं। बुआई, रोपाई और अन्य मामलों में वैैज्ञानिक तरीके से मदद की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस वैज्ञानिक खेती से किसानों की उपज कई गुना बढ़ सकती है। इस मौके पर सहायक कृषि अधिकारी रजत कुमार, सुरेश चंद्र थपलियाल, भुवन चंद्र पुरोहित और धन सिंह नेगी आदि मौजूद थे।
कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी आनंद कुमार गोस्वामी, आजीविका परियोजना के समन्वयक शिशुपाल कोठियाल ने बताया कि कुलसारी के भवानी राम का चयन विभागीय स्तर पर किया गया है। भवानी राम की 20 साल से असिंचित 5 नाली भूमि पर पहले पानी पहुंचाया गया। शनिवार को यहां धान की 1509 क्यारियां बनाकर 1509 प्रजाति के धान की रोपाई की गई। आजीविका के सुरेंद्र कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार की कृषि कल्याण योजना के तहत 80 प्रतिशत अनुदान पर यह योेजना चलाई जा रही है, जिसमें किसान को मल्टी क्रोप थ्रेसर, मंडुवा थ्रेसर, जलपंप, पावर टीलर सहित कई उपकरण दिए जा रहे हैं। बुआई, रोपाई और अन्य मामलों में वैैज्ञानिक तरीके से मदद की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस वैज्ञानिक खेती से किसानों की उपज कई गुना बढ़ सकती है। इस मौके पर सहायक कृषि अधिकारी रजत कुमार, सुरेश चंद्र थपलियाल, भुवन चंद्र पुरोहित और धन सिंह नेगी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन