{"_id":"5b2a8c904f1c1bac6e8b8ee2","slug":"152951515414-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती ही हैं ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती ही हैं ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य
Updated Wed, 20 Jun 2018 10:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जोशीमठ। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद जी सरस्वती के शिष्य दंडी स्वामी गोविंदानंद सरस्वती ने कहा कि स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ही ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य हैं। वह पिछले 45 वर्षों से इस पीठ की आचार्य परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं।
बुधवार को शंकराचार्य मठ में दंडी स्वामी गोविंदानंद सरस्वती ने पत्रकार वार्ता की। उन्होंने पुरी पीठ के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज की ओर से दिए गए बयान कि स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती दो पीठों के शंकराचार्य नहीं हो सकते, पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने अपनी पुस्तक में स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को ज्योर्तिमठ और द्वारिका शारदा पीठ का शंकराचार्य बताया है। अब वे ही इस पर अनावश्यक बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती वर्ष 1973 से ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य हैं।
बुधवार को शंकराचार्य मठ में दंडी स्वामी गोविंदानंद सरस्वती ने पत्रकार वार्ता की। उन्होंने पुरी पीठ के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज की ओर से दिए गए बयान कि स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती दो पीठों के शंकराचार्य नहीं हो सकते, पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने अपनी पुस्तक में स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को ज्योर्तिमठ और द्वारिका शारदा पीठ का शंकराचार्य बताया है। अब वे ही इस पर अनावश्यक बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती वर्ष 1973 से ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य हैं।
विज्ञापन