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मां नंदा की विदाई पर भावुक हुए श्रद्धालु
Updated Wed, 20 Jun 2018 10:56 PM IST
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नारायणबगड़। कड़ाकोट क्षेत्र के भंगोटा में नंदा देवी मेला (भारकोट कौथिग) में आस्था और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मेले के अंतिम दिन मां नंदा की कैलाश विदा किया गया तो महिलाएं भावुक हो गईं। भक्तों ने मां नंदा को फल-फूल और आभूषण भेंट किए।
ब्लॉक के भंगोटा स्थित भारकोट स्थान पर भी मां नंदा देवी का भव्य मंदिर है। यहां हर तीसरे साल असाड़ माह की नंदा अष्टमी पर भव्य मेला आयोजित किया जाता है। इस बाद 18 जून से शुरू हुआ मेला बुधवार को संपन्न हुआ। बुधवार को मंदिर में मां नंदा का भव्य शृंगार किया गया। सुबह से ही पूजा-अर्चना के साथ मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। मां नंदा ने एंद्राणी स्वरूप में कृत्रिम हाथी पर सवार होकर भक्तों को दर्शन दिए। परंपरागत घुड़यौत नृत्य भी आकर्षण का केंद्र रहा। मुख्य जागरी बुद्धि सिंह दानू ने मां के जागर गाए। देर शाम जब मां नंदा को ससुराल कैलाश विदा करने का समय आया तो श्रद्धालु भावुक हो गए। महिलाएं मां नंदा से गले मिलकर रो पड़ीं। पुरुषों ने दक्षिणा, फल-फूल तो महिलाओं ने आभूषण, वस्त्र और शृंगार सामग्री देकर मां, बहन, बेटी स्वरूप नंदा को कैलाश के लिए विदा किया। भारकोट मंदिर कमेटी के अध्यक्ष बलवंत सिंह मेहरा ने मेले के सफल आयोजन पर सभी ग्रामीणों की सराहना की। इस मौके पर भूमियाल के पश्वा वीर सिंह जदौड़ा, नंदा देवी के पश्वा संदीप सती, मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष त्रिलोक सिंह मेहरा और पुजारी राजेंद्र सिंह रावल आदि मौजूद रहे।
ब्लॉक के भंगोटा स्थित भारकोट स्थान पर भी मां नंदा देवी का भव्य मंदिर है। यहां हर तीसरे साल असाड़ माह की नंदा अष्टमी पर भव्य मेला आयोजित किया जाता है। इस बाद 18 जून से शुरू हुआ मेला बुधवार को संपन्न हुआ। बुधवार को मंदिर में मां नंदा का भव्य शृंगार किया गया। सुबह से ही पूजा-अर्चना के साथ मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। मां नंदा ने एंद्राणी स्वरूप में कृत्रिम हाथी पर सवार होकर भक्तों को दर्शन दिए। परंपरागत घुड़यौत नृत्य भी आकर्षण का केंद्र रहा। मुख्य जागरी बुद्धि सिंह दानू ने मां के जागर गाए। देर शाम जब मां नंदा को ससुराल कैलाश विदा करने का समय आया तो श्रद्धालु भावुक हो गए। महिलाएं मां नंदा से गले मिलकर रो पड़ीं। पुरुषों ने दक्षिणा, फल-फूल तो महिलाओं ने आभूषण, वस्त्र और शृंगार सामग्री देकर मां, बहन, बेटी स्वरूप नंदा को कैलाश के लिए विदा किया। भारकोट मंदिर कमेटी के अध्यक्ष बलवंत सिंह मेहरा ने मेले के सफल आयोजन पर सभी ग्रामीणों की सराहना की। इस मौके पर भूमियाल के पश्वा वीर सिंह जदौड़ा, नंदा देवी के पश्वा संदीप सती, मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष त्रिलोक सिंह मेहरा और पुजारी राजेंद्र सिंह रावल आदि मौजूद रहे।
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