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कांडई-मटई सड़क दलदल में हुई तब्दील
Updated Wed, 20 Jun 2018 10:56 PM IST
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घाट। कांडई-मटई सड़क चमला गदेरे से दलदल में तब्दील हो गई है। इस मार्ग पर वाहन फंस रहे हैं और पैदल आवाजाही भी मुश्किल बनी है। लोगों ने जिला प्रशासन से गदेरे के सुधारीकरण की मांग उठाई।
वर्ष 2008 में पीएमजीएसवाई की ओर से बैरासकुंड क्षेत्र के मटई, खलतरा, सेमा, चाका, फरांणखेत, बैंरों, बैरासकुंड और इतमोली गांव को यातायात से जोड़ने के लिए कांडई-मटई मार्ग का निर्माण किया गया। वर्ष 2010 में एक किमी सड़क के पास चमला गदेरे में भूस्खलन शुरू हुआ था, लेकिन आज तक इसका ट्रीटमेंट नहीं किया गया। अब गदेरा सुचारु यातायात में बाधक बन रहा है। बारिश होने पर गदेरे का मलबा सड़क पर फैल रहा है और यहां दलदल की स्थिति बन रही है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य भास्करानंद पुरोहित, जगदीश प्रसाद, शांति प्रसाद नौटियाल, दिनेश प्रसाद, सबर सिंह और मोहन सिंह का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों के साथ ही जिला प्रशासन से गदेरे के सुधारीकरण की मांग की, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस बनी है। इधर, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता अलीम अख्तर का कहना है कि भूस्खलन जोन के सुधारीकरण का वित्तीय प्रस्ताव तैयार किया गया है। बजट मिलने के बाद यहां सुधारीकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
वर्ष 2008 में पीएमजीएसवाई की ओर से बैरासकुंड क्षेत्र के मटई, खलतरा, सेमा, चाका, फरांणखेत, बैंरों, बैरासकुंड और इतमोली गांव को यातायात से जोड़ने के लिए कांडई-मटई मार्ग का निर्माण किया गया। वर्ष 2010 में एक किमी सड़क के पास चमला गदेरे में भूस्खलन शुरू हुआ था, लेकिन आज तक इसका ट्रीटमेंट नहीं किया गया। अब गदेरा सुचारु यातायात में बाधक बन रहा है। बारिश होने पर गदेरे का मलबा सड़क पर फैल रहा है और यहां दलदल की स्थिति बन रही है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य भास्करानंद पुरोहित, जगदीश प्रसाद, शांति प्रसाद नौटियाल, दिनेश प्रसाद, सबर सिंह और मोहन सिंह का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों के साथ ही जिला प्रशासन से गदेरे के सुधारीकरण की मांग की, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस बनी है। इधर, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता अलीम अख्तर का कहना है कि भूस्खलन जोन के सुधारीकरण का वित्तीय प्रस्ताव तैयार किया गया है। बजट मिलने के बाद यहां सुधारीकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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