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चारधाम यात्रा में 18 प्रतिशत किराये में कटौती
Updated Sat, 02 Jun 2018 02:15 AM IST
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18 प्रतिशत कम हुआ चारधाम यात्रा का किराया
ब्यूरो/अमर उजाला
ऋषिकेश।
तीर्थनगरी से उत्तराखंड की चारधाम यात्रा का संचालन करने वाली संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने चारधाम यात्रा किराए में 18 प्रतिशत कटौती करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को समिति की ओर से संचालित सभी नौ निजी परिवहन कंपनियों के संचालकों ने बैठक कर सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास कर दिया।
संयुक्त रोटेशन के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बृजभानु प्रकाश गिरि ने बताया कि किराए में कटौती रविवार (3 जून) से लागू कर दी जाएगी। बताया जा रहा है कि प्रतिस्पर्धा के कारण संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने यह निर्णय लिया है।
बैठक में संयुक्त रोटेशन के अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल, यातायात के अध्यक्ष कुंवर सिंह रावत, रूपकुंड पर्यटन के अध्यक्ष भोपाल सिंह नेगी, टीजीएमओ के अध्यक्ष प्रीतम सिंह नेगी, सुधीर राय, मनोज ध्यानी, शूरवीर सिंह रावत, जगदीश नौटियाल, प्यार सिंह गुनसोला, यशवंत सिंह नेगी, जसपाल राणा, दाताराम रतूड़ी, सुरेंद्र सिंह नेगी, बृजभानु प्रकाश गिरि, रोटेशन प्रभारी मदन कोठारी आदि मौजूद थे।
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बता दें कि संयुक्त रोटेशन ने इस साल की चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले किराए में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जिसे बीती 18 अप्रैल चारधाम यात्रा के शुभारंभ से लागू किया गया था। बताया जा रहा है कि चारधाम यात्रा में हरिद्वार से चल रहीं डग्गामार बसों और निजी वाहनों को टैक्सी के तौर पर इस्तेमाल करने से समिति की ओर संचालित बसों को यात्री कम मिल रहे हैं। इस कारण समिति को बढ़ाए गए किराए में कटौती करनी पड़ी है।
हरिद्वार से चल रहे अनधिकृत वाहन
रोटेशन के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बृजभानु प्रकाश गिरि ने बताया कि राज्य सरकार, प्रशासन व संभागीय परिवहन विभाग की लापरवाही के कारण चारधाम यात्रा के लिए विभिन्न प्रांतों के छोटे व बड़े वाहनों का हरिद्वार से अनधिकृत तरीके से संचालन किया जा रहा है। ऐसे वाहनों की संख्या 250 से अधिक बताई गई है।
एक बस के कम हुए 23 हजार रुपये
ऋषिकेश से चारधाम यात्रा के लिए 1,30,000 रुपये में उपलब्ध होने वाली एक बस की बुकिंग के लिए अब 1,07000 रुपये चुकाने होंगे। इस लिहाज से करीब 23 हजार रुपये कम हो गए हैं।
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ब्यूरो/अमर उजाला
ऋषिकेश।
तीर्थनगरी से उत्तराखंड की चारधाम यात्रा का संचालन करने वाली संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने चारधाम यात्रा किराए में 18 प्रतिशत कटौती करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को समिति की ओर से संचालित सभी नौ निजी परिवहन कंपनियों के संचालकों ने बैठक कर सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास कर दिया।
संयुक्त रोटेशन के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बृजभानु प्रकाश गिरि ने बताया कि किराए में कटौती रविवार (3 जून) से लागू कर दी जाएगी। बताया जा रहा है कि प्रतिस्पर्धा के कारण संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने यह निर्णय लिया है।
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बैठक में संयुक्त रोटेशन के अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल, यातायात के अध्यक्ष कुंवर सिंह रावत, रूपकुंड पर्यटन के अध्यक्ष भोपाल सिंह नेगी, टीजीएमओ के अध्यक्ष प्रीतम सिंह नेगी, सुधीर राय, मनोज ध्यानी, शूरवीर सिंह रावत, जगदीश नौटियाल, प्यार सिंह गुनसोला, यशवंत सिंह नेगी, जसपाल राणा, दाताराम रतूड़ी, सुरेंद्र सिंह नेगी, बृजभानु प्रकाश गिरि, रोटेशन प्रभारी मदन कोठारी आदि मौजूद थे।
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बता दें कि संयुक्त रोटेशन ने इस साल की चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले किराए में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जिसे बीती 18 अप्रैल चारधाम यात्रा के शुभारंभ से लागू किया गया था। बताया जा रहा है कि चारधाम यात्रा में हरिद्वार से चल रहीं डग्गामार बसों और निजी वाहनों को टैक्सी के तौर पर इस्तेमाल करने से समिति की ओर संचालित बसों को यात्री कम मिल रहे हैं। इस कारण समिति को बढ़ाए गए किराए में कटौती करनी पड़ी है।
हरिद्वार से चल रहे अनधिकृत वाहन
रोटेशन के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बृजभानु प्रकाश गिरि ने बताया कि राज्य सरकार, प्रशासन व संभागीय परिवहन विभाग की लापरवाही के कारण चारधाम यात्रा के लिए विभिन्न प्रांतों के छोटे व बड़े वाहनों का हरिद्वार से अनधिकृत तरीके से संचालन किया जा रहा है। ऐसे वाहनों की संख्या 250 से अधिक बताई गई है।
एक बस के कम हुए 23 हजार रुपये
ऋषिकेश से चारधाम यात्रा के लिए 1,30,000 रुपये में उपलब्ध होने वाली एक बस की बुकिंग के लिए अब 1,07000 रुपये चुकाने होंगे। इस लिहाज से करीब 23 हजार रुपये कम हो गए हैं।