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धूमधाम से मनाया गया जीआईसी धारीढुंडसिर का स्वर्ण जयंती समारोह
Updated Mon, 21 May 2018 10:40 PM IST
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कीर्तिनगर। जीआईसी धारीढुंडसिर की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर स्वर्ण जयंती समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विद्यालय की स्थापना में सहयोग करने वाले लोगों के योगदान को याद कर विद्यालय के पुरातन छात्रों को सम्मानित किया गया।
वर्ष 1968 में क्षेत्र के जागरूक लोगों ने जिस विद्यालय की बुनियाद रखी थी, आज उसने अपने 50 साल पूरे कर लिए है। इसी खुशी में सोमवार को स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि आरके कुंवर निदेशक प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा ने कार्यक्रम की सराहना कर छात्रों के मार्ग दर्शन व प्रेरणा के लिए इसे आवश्यक बताया। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य रह चुके पूर्व अपर शिक्षा निदेशक नरेंद्र सिंह राणा का विशेष स्वागत किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह राणा की मेहनत एवं क्षेत्र के प्रति त्याग और समर्पण की भावना थी, कि कक्षा 8 से शुरू किया गया विद्यालय आज इंटर कालेज में तब्दील हो चुका है। इस मौके पर छात्र-छात्राओं की ओर से योगा डांस, पर्यावरण झांकी व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति विशेष आकर्षण के केंद्र रहे। इसके अलावा कार्यक्रम में पहुंचे विद्यालय के पुरातन छात्रों व अध्यापकों के साथ ही विद्यालय में योगदान करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य शिक्षाधिकारी दिनेश चंद्र गौड़, प्रधानाचार्य कलम सिंह रावत, कार्यक्रम संयोजक चंद्रमोहन सिंह चौहान, तहसीलदार हरिहर उनियाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता व छात्र-छात्राएं आदि मौजूद थे।
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वर्ष 1968 में क्षेत्र के जागरूक लोगों ने जिस विद्यालय की बुनियाद रखी थी, आज उसने अपने 50 साल पूरे कर लिए है। इसी खुशी में सोमवार को स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि आरके कुंवर निदेशक प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा ने कार्यक्रम की सराहना कर छात्रों के मार्ग दर्शन व प्रेरणा के लिए इसे आवश्यक बताया। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य रह चुके पूर्व अपर शिक्षा निदेशक नरेंद्र सिंह राणा का विशेष स्वागत किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह राणा की मेहनत एवं क्षेत्र के प्रति त्याग और समर्पण की भावना थी, कि कक्षा 8 से शुरू किया गया विद्यालय आज इंटर कालेज में तब्दील हो चुका है। इस मौके पर छात्र-छात्राओं की ओर से योगा डांस, पर्यावरण झांकी व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति विशेष आकर्षण के केंद्र रहे। इसके अलावा कार्यक्रम में पहुंचे विद्यालय के पुरातन छात्रों व अध्यापकों के साथ ही विद्यालय में योगदान करने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य शिक्षाधिकारी दिनेश चंद्र गौड़, प्रधानाचार्य कलम सिंह रावत, कार्यक्रम संयोजक चंद्रमोहन सिंह चौहान, तहसीलदार हरिहर उनियाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता व छात्र-छात्राएं आदि मौजूद थे।
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