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तीर्थक्षेत्र मद्य निषेद्य घोषित हो : संत समिति
Updated Sun, 13 May 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश ।
अखिल भारतीय संत समिति की ओर से तीर्थ क्षेत्र ऋषिकेश, मुनिकीरेती को मद्य निषेद्य क्षेत्र घोषित करने की मांग की है। समिति का कहना है कि तीर्थक्षेत्र में शराब बिक्री का अवैध कारोबार बंद किया जाना चाहिए। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समिति के अध्यक्ष ईश्वर दास ने तीर्थनगरी के संत समाज द्वारा हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन प्रेषित किया गया। बताया गया कि तीर्थनगरी ऋषिकेश योग व आध्यात्म के तौर पर विश्व विख्यात है। क्षेत्र में प्रति देश-दुनिया से लाखों तीर्थयात्रियों व पर्यटकों का आवागमन बना रहता है।
बताया कि बीते दिनों राज्य सरकार की ओर से नगर पालिका मुनिकीरेती के ढालवाला क्षेत्र में शराब का ठेका खोलने का निर्णय लिया है। उक्त निर्णय ने स्थानीय संत समाज व जनमानस का आघात पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने बताया कि तीर्थनगरी की पवित्रता को बनाए रखने के लिए क्षेत्र में शराब का ठेका नहीं खोलने के बाबत राज्य सरकार को निर्देशित करने की मांग की है। मांग करने वालों में समिति के अध्यक्ष व महंत ईश्वर दास, प्रदीप दास, ज्ञानानंद, रामू दास, शिव चेतन्य, सदात्मानंद, ज्ञान दास, स्वामी तपेसरानंद, राम गंगापुरी, सीताराम, हरिचरण दास, रामप्रिय दास, शिवचरण दास, महंत मनोज प्रपन्नाचार्य, स्वामी सर्वानंद, प्रभु दास, परमानंद दास आदि मौजूद थे।
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अखिल भारतीय संत समिति की ओर से तीर्थ क्षेत्र ऋषिकेश, मुनिकीरेती को मद्य निषेद्य क्षेत्र घोषित करने की मांग की है। समिति का कहना है कि तीर्थक्षेत्र में शराब बिक्री का अवैध कारोबार बंद किया जाना चाहिए। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समिति के अध्यक्ष ईश्वर दास ने तीर्थनगरी के संत समाज द्वारा हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन प्रेषित किया गया। बताया गया कि तीर्थनगरी ऋषिकेश योग व आध्यात्म के तौर पर विश्व विख्यात है। क्षेत्र में प्रति देश-दुनिया से लाखों तीर्थयात्रियों व पर्यटकों का आवागमन बना रहता है।
बताया कि बीते दिनों राज्य सरकार की ओर से नगर पालिका मुनिकीरेती के ढालवाला क्षेत्र में शराब का ठेका खोलने का निर्णय लिया है। उक्त निर्णय ने स्थानीय संत समाज व जनमानस का आघात पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने बताया कि तीर्थनगरी की पवित्रता को बनाए रखने के लिए क्षेत्र में शराब का ठेका नहीं खोलने के बाबत राज्य सरकार को निर्देशित करने की मांग की है। मांग करने वालों में समिति के अध्यक्ष व महंत ईश्वर दास, प्रदीप दास, ज्ञानानंद, रामू दास, शिव चेतन्य, सदात्मानंद, ज्ञान दास, स्वामी तपेसरानंद, राम गंगापुरी, सीताराम, हरिचरण दास, रामप्रिय दास, शिवचरण दास, महंत मनोज प्रपन्नाचार्य, स्वामी सर्वानंद, प्रभु दास, परमानंद दास आदि मौजूद थे।
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