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मोतीचूर से नैपालीफार्म तक रेंग कर किया पर्यटक ने सफर पूरा
Updated Mon, 30 Apr 2018 02:04 AM IST
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फब्यूरो/अमर उजाला,रायवाला।
राष्ट्रीय राजमार्ग का मोतीचूर रेलवे क्रॉसिंग से नेपाली फार्म तिराहे तक का 10 किलोमीटर पैच बीते चार साल पहले हुए भूमि अधिग्रहण के बाद जस का तस पड़ा है। हाईवे का निर्माण कार्य करने वाली अधिकृत कंपनी की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते काम अधूरा है, जिसके चलते राजमार्ग पर गुजरने वाले स्थानीय लोग व पर्यटक आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं, और यहां जाम की स्थिति हर समय बनी रहती है। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा का प्रथम पड़ाव व यात्रा संचालन के मुख्य केंद्र होने के बावजूद हरिद्वार और ऋषिकेश के मध्य रायवाला क्षेत्र में नेशनल हाईवे की स्थिति बेहद खराब है। राजमार्ग पर जगह-जगह बने गड्ढे, मोतीचूर रेलवे फाटक से लेकर नेपाली फार्म तिराहे तक पड़ने वाली तीन नदियों पर संकरे ब्रिज भी रोजमर्रा के जाम की अहम वजह हैं।
योजना के तहत यहां पुलों का विस्तारीकरण किया जाना है, मगर बीते चार साल से कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते पुलों का विस्तार भी अधर में लटका हुआ है। राजमार्ग के विस्तारण के तहत हरिपुरकलां में सूखी नदी, सत्यनारायण मंदिर के पास सुसवा नदी और नेपाली फार्म तिराहे के समीप सौंग नदी पर ब्रिज बनाए जाने हैं, लेकिन उक्त तीनों पुलों का निर्माण कार्य बीते चार साल में लंबित पड़ा हुआ है। समाजसेवी देवेंद्र रावत और रमेश पुंडीर ने बताया कि सरकार द्वारा अधिकृत कंपनी ने नेशनल हाईवे की हालत बदतर बना दी है। उन्होंने इसकी वजह सरकार व नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग नहीं कराना बताया।
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राष्ट्रीय राजमार्ग का मोतीचूर रेलवे क्रॉसिंग से नेपाली फार्म तिराहे तक का 10 किलोमीटर पैच बीते चार साल पहले हुए भूमि अधिग्रहण के बाद जस का तस पड़ा है। हाईवे का निर्माण कार्य करने वाली अधिकृत कंपनी की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते काम अधूरा है, जिसके चलते राजमार्ग पर गुजरने वाले स्थानीय लोग व पर्यटक आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं, और यहां जाम की स्थिति हर समय बनी रहती है। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा का प्रथम पड़ाव व यात्रा संचालन के मुख्य केंद्र होने के बावजूद हरिद्वार और ऋषिकेश के मध्य रायवाला क्षेत्र में नेशनल हाईवे की स्थिति बेहद खराब है। राजमार्ग पर जगह-जगह बने गड्ढे, मोतीचूर रेलवे फाटक से लेकर नेपाली फार्म तिराहे तक पड़ने वाली तीन नदियों पर संकरे ब्रिज भी रोजमर्रा के जाम की अहम वजह हैं।
योजना के तहत यहां पुलों का विस्तारीकरण किया जाना है, मगर बीते चार साल से कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते पुलों का विस्तार भी अधर में लटका हुआ है। राजमार्ग के विस्तारण के तहत हरिपुरकलां में सूखी नदी, सत्यनारायण मंदिर के पास सुसवा नदी और नेपाली फार्म तिराहे के समीप सौंग नदी पर ब्रिज बनाए जाने हैं, लेकिन उक्त तीनों पुलों का निर्माण कार्य बीते चार साल में लंबित पड़ा हुआ है। समाजसेवी देवेंद्र रावत और रमेश पुंडीर ने बताया कि सरकार द्वारा अधिकृत कंपनी ने नेशनल हाईवे की हालत बदतर बना दी है। उन्होंने इसकी वजह सरकार व नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग नहीं कराना बताया।
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