{"_id":"5ae629784f1c1b62098b74b1","slug":"152503333418-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"परम ब्रह्म की प्राप्ति को मन की शांति जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परम ब्रह्म की प्राप्ति को मन की शांति जरूरी
Updated Mon, 30 Apr 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
श्री हरि सेवा संस्थान के तत्वावधान में प्राइमरी स्कूल विकासनगर में आयोजित सत्संग के दौरान आचार्य विशाल महाराज ने कहा कि ईश्वर सर्व व्यापत है। वह धरती के कण-कण में भी है और अनंत ब्रह्मांड में भी मौजूद है। मन में विचारों का शोर और आंखों में संसारिक माया की पट्टी बंधे होने के कारण हम ईश्वर को न देख पाते हैं और न सुन पाते हैं। परम ब्रह्म को महज मन की शांति से ही प्राप्त किया जा सकता है। मनुष्य को रोज ईश्वर भक्ति में अपना ध्यान लगाना चाहिए। इससे मन स्थिर रहता है। आत्मानंद को जागृत करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में 26 गुणों का वर्णन किया है। सत्संग से साधारण जीव भी मुक्ति का अधिकारी बन जाता है। इस मौके पर राजकुमार, ओम प्रकाश, संतोष रोहिला, निर्मला शर्मा, अनीता रावत, वीरा चौधरी, सुमित्रा देवी, कृष्णा गुसांई आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
श्री हरि सेवा संस्थान के तत्वावधान में प्राइमरी स्कूल विकासनगर में आयोजित सत्संग के दौरान आचार्य विशाल महाराज ने कहा कि ईश्वर सर्व व्यापत है। वह धरती के कण-कण में भी है और अनंत ब्रह्मांड में भी मौजूद है। मन में विचारों का शोर और आंखों में संसारिक माया की पट्टी बंधे होने के कारण हम ईश्वर को न देख पाते हैं और न सुन पाते हैं। परम ब्रह्म को महज मन की शांति से ही प्राप्त किया जा सकता है। मनुष्य को रोज ईश्वर भक्ति में अपना ध्यान लगाना चाहिए। इससे मन स्थिर रहता है। आत्मानंद को जागृत करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में 26 गुणों का वर्णन किया है। सत्संग से साधारण जीव भी मुक्ति का अधिकारी बन जाता है। इस मौके पर राजकुमार, ओम प्रकाश, संतोष रोहिला, निर्मला शर्मा, अनीता रावत, वीरा चौधरी, सुमित्रा देवी, कृष्णा गुसांई आदि मौजूद रहे।