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जैंदऊ गांव में 500 रुपये में प्यास बुझा रहे ग्रामीण
Updated Sun, 08 Apr 2018 02:28 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
कालसी प्रखंड के जैंदऊ गांव में गर्मियां शुरू होते ही पानी का संकट गहराने लगा है। नलों में बहुत कम पानी आने से लोगों को हलक तर करने के लिए चार किमी दूर स्थित खड्ड से घोड़े-खच्चरों में पानी का ढुलान करना पड़ता है। इसकी एवज में उन्हें प्रति चक्कर 500 रुपये की रकम चुकानी पड़ती है। मवेशियों को पानी पिलाने के लिए भी चार किमी दूर खड्ड पर ले जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने गांव में नई पेयजल लाइन बिछाने की मांग की है।
चार दशक पूर्व जैंदऊ गांव में पेयजल लाइन बिछाई गई। वर्तमान में यहां 450 की आबादी निवास करती हैं। वर्तमान में पेयजल लाइन की देखरेख का जिम्मा ग्राम पंचायत के पास है, लेकिन ग्राम पंचायत के पास इतना बजट नहीं कि वह लाइन की मरम्मत करा सके। इसके चलते इन दिनों लोगों को चार किमी दूर स्थित खड्ड से पानी ढोना पड़ रहा है।
ग्रामीण प्रीतम सिंह, शेर सिंह, जयपाल, सुंदर सिंह, उजला देवी, जुलो देवी आदि का कहना है कि नलों में बहुत कम पानी आता है। पूरे दिन में महज एक बाल्टी पानी ही भर पाता है। पानी न आने से एक माह से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। खच्चरों के माध्यम से एक बारी में महज 40 लीटर पानी का ही ढुलान हो पाता है। इसके बाद दुबारा से पानी ढुलान के लिए उन्हें रकम खर्च करनी पड़ती है। जल्द ही बिस्सू पर्व शुरू होने वाला है। यदि पानी की समस्या दूर नहीं हुई तो उनकी दुश्वारियां बढ़ना संभव है।
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ग्रामीणों की ओर से लिखित में प्रस्ताव मिलने पर ही गांव में नई लाइन बिछा पाना संभव है। खड्ड से पानी के ढुलान की एवज में ग्रामीण जिला प्रशासन से प्रतिपूर्ति राशि मांग सकते हैं।
- एसके बर्नवाल, अधिशासी अभियंता जल निगम
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कालसी प्रखंड के जैंदऊ गांव में गर्मियां शुरू होते ही पानी का संकट गहराने लगा है। नलों में बहुत कम पानी आने से लोगों को हलक तर करने के लिए चार किमी दूर स्थित खड्ड से घोड़े-खच्चरों में पानी का ढुलान करना पड़ता है। इसकी एवज में उन्हें प्रति चक्कर 500 रुपये की रकम चुकानी पड़ती है। मवेशियों को पानी पिलाने के लिए भी चार किमी दूर खड्ड पर ले जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने गांव में नई पेयजल लाइन बिछाने की मांग की है।
चार दशक पूर्व जैंदऊ गांव में पेयजल लाइन बिछाई गई। वर्तमान में यहां 450 की आबादी निवास करती हैं। वर्तमान में पेयजल लाइन की देखरेख का जिम्मा ग्राम पंचायत के पास है, लेकिन ग्राम पंचायत के पास इतना बजट नहीं कि वह लाइन की मरम्मत करा सके। इसके चलते इन दिनों लोगों को चार किमी दूर स्थित खड्ड से पानी ढोना पड़ रहा है।
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ग्रामीण प्रीतम सिंह, शेर सिंह, जयपाल, सुंदर सिंह, उजला देवी, जुलो देवी आदि का कहना है कि नलों में बहुत कम पानी आता है। पूरे दिन में महज एक बाल्टी पानी ही भर पाता है। पानी न आने से एक माह से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। खच्चरों के माध्यम से एक बारी में महज 40 लीटर पानी का ही ढुलान हो पाता है। इसके बाद दुबारा से पानी ढुलान के लिए उन्हें रकम खर्च करनी पड़ती है। जल्द ही बिस्सू पर्व शुरू होने वाला है। यदि पानी की समस्या दूर नहीं हुई तो उनकी दुश्वारियां बढ़ना संभव है।
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ग्रामीणों की ओर से लिखित में प्रस्ताव मिलने पर ही गांव में नई लाइन बिछा पाना संभव है। खड्ड से पानी के ढुलान की एवज में ग्रामीण जिला प्रशासन से प्रतिपूर्ति राशि मांग सकते हैं।
- एसके बर्नवाल, अधिशासी अभियंता जल निगम