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चालान तक सीमित है पुलिस की कार्रवाई
Updated Sat, 31 Mar 2018 02:15 AM IST
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ब्यूरो/ऋषिकेश। योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी मानी जाने वाली तीर्थनगरी में क्या ट्रैफिक नियम लागू नहीं होते? यह सवाल अक्सर लोगों की जुबान पर होता है। शहर में दुपहिया वाहनों के खिलाफ ओवर स्पीड, ट्रिपल राइडिंग और बिना हेलमेट के वाहन दौड़ाने पर चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती। महज चालान कर व मामूली अर्थदंड वसूलकर नियमों का उल्लंघन करने के लिए पुलिस नियम तोड़ने वालों को बढ़ावा देती नजर आती है।
कोतवाली पुलिस ने बीते साल में 13,192 चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की। इसमें सबसे अधिक संख्या दुपहिया सवारों की थी। जबकि इस साल फरवरी माह में ही पुलिस ने नियमों की अनदेखी पर 1,476 वाहन चालकों पर चालान की कार्रवाई की। उनसे एक लाख 82 हजार रुपये का अर्थदंड भी वसूला गया। पुलिस नियम तोड़ने वालों पर वाहन सीज करने और मुकदमा दर्ज करने जैसी सख्त कार्रवाई नहीं करती है, जिसके चलते शहर में रोजाना हर चौक-चौराहे और सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन आम बात हो गई है।
नेशनल हाईवे पर नाम का जीरो जोन
ऋषिकेश-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर जयराम आश्रम चौक से चंद्रभागा पुल तक जीरो जोन होने की बात पुलिस की ओर से कही जाती है, लेकिन हाईवे के इस पैच में थ्री व्हीलर चालक कहीं भी ब्रेक मारकर सवारी भरने लगते हैं। इससे राजमार्ग पर हरवक्त जाम की स्थिति बनी रहती है। यह हाल तब है, जब पुलिसकर्मियों की तैनाती चौक-चौराहों पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए रोजाना की जा रही है।
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व्यस्ततम सड़कों पर दिखावे की नो-एंट्री
पुलिस ने नगर में सड़क हादसों को रोकने और यातयात को दुरुस्त रखने के लिए मालवाहक वाहनों के प्रवेश के लिए समय निर्धारित किया है, लेकिन इस नियम का पालन भी शहर में होता नजर नहीं आता है। अक्सर प्रतिबंधित समय में व्यस्ततम सड़कों पर मालवाहक वाहन लोडिंग-अनलोडिंग और दौड़ते नजर आते हैं।
क्या कहती हैं अधिकारी
रैश ड्राइविंग, ओवर स्पीड, शराब पीकर वाहन चलाने व वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने पर पकड़ में आने वालों के लाइसेंस को निरस्त करने की संस्तुति के लिए स्थानीय पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। बिना हेलमेट के दुपहिया दौड़ने वालों पर चालान और उनके वाहनों की सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। लोगों को भी खुद से जागरुक होने की जरूरत है, क्योंकि यह उनकी ही सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
- सरिता डोभाल, एसपी ग्रामीण
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कोतवाली पुलिस ने बीते साल में 13,192 चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की। इसमें सबसे अधिक संख्या दुपहिया सवारों की थी। जबकि इस साल फरवरी माह में ही पुलिस ने नियमों की अनदेखी पर 1,476 वाहन चालकों पर चालान की कार्रवाई की। उनसे एक लाख 82 हजार रुपये का अर्थदंड भी वसूला गया। पुलिस नियम तोड़ने वालों पर वाहन सीज करने और मुकदमा दर्ज करने जैसी सख्त कार्रवाई नहीं करती है, जिसके चलते शहर में रोजाना हर चौक-चौराहे और सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन आम बात हो गई है।
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नेशनल हाईवे पर नाम का जीरो जोन
ऋषिकेश-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर जयराम आश्रम चौक से चंद्रभागा पुल तक जीरो जोन होने की बात पुलिस की ओर से कही जाती है, लेकिन हाईवे के इस पैच में थ्री व्हीलर चालक कहीं भी ब्रेक मारकर सवारी भरने लगते हैं। इससे राजमार्ग पर हरवक्त जाम की स्थिति बनी रहती है। यह हाल तब है, जब पुलिसकर्मियों की तैनाती चौक-चौराहों पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए रोजाना की जा रही है।
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व्यस्ततम सड़कों पर दिखावे की नो-एंट्री
पुलिस ने नगर में सड़क हादसों को रोकने और यातयात को दुरुस्त रखने के लिए मालवाहक वाहनों के प्रवेश के लिए समय निर्धारित किया है, लेकिन इस नियम का पालन भी शहर में होता नजर नहीं आता है। अक्सर प्रतिबंधित समय में व्यस्ततम सड़कों पर मालवाहक वाहन लोडिंग-अनलोडिंग और दौड़ते नजर आते हैं।
क्या कहती हैं अधिकारी
रैश ड्राइविंग, ओवर स्पीड, शराब पीकर वाहन चलाने व वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने पर पकड़ में आने वालों के लाइसेंस को निरस्त करने की संस्तुति के लिए स्थानीय पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। बिना हेलमेट के दुपहिया दौड़ने वालों पर चालान और उनके वाहनों की सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। लोगों को भी खुद से जागरुक होने की जरूरत है, क्योंकि यह उनकी ही सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
- सरिता डोभाल, एसपी ग्रामीण