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बिजली कटौती से मिलेगी निजात
Updated Thu, 29 Mar 2018 02:31 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/साहिया।
जनजातीय क्षेत्र के लोगों को आए दिन होने वाली बिजली कटौती की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी है। भारत सरकार ने ढकरानी से चकराता तक करीब 50 किमी लंबी 33केवी की बिजली लाइन के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इसके बाद क्षेत्र में लोगों को आए दिन होने वाली बिजली की समस्या से दो-चार नहीं होना पड़ेगा।
70 के दशक में जौनसार बावर क्षेत्र का विद्युतीकरण किया गया। लेकिन मेंटीनेंस के अभाव में यह लाइन अब जर्जर हो गई है। कई मर्तबा लोड बढ़ने पर लाइन ब्रेक हो जाती है। जिससे पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है। कई बार फाल्ट को ढूंढने में 3-4 दिन लग जाते हैं। ऐसे में तीन साल पूर्व यूपीसीएल ने क्षेत्र में नई लाइन बिछाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। जिसे अब मंजूरी मिल गई है। इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम के तहत 5 करोड़ रुपये की लागत से करीब 50 किमी लंबी लाइन बिछाई जाएगी। जिससे 350 गांव, खेड़े और मंजरें रोशन होंगे। यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता ने बताया कि पूर्व में क्षेत्र के लिए बिछाई गई लाइन जंगलों से होकर गुजरती थी। जिसे अब सड़क के रास्ते बिछाया जा रहा है। तीन माह के भीतर लाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
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जनजातीय क्षेत्र के लोगों को आए दिन होने वाली बिजली कटौती की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी है। भारत सरकार ने ढकरानी से चकराता तक करीब 50 किमी लंबी 33केवी की बिजली लाइन के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इसके बाद क्षेत्र में लोगों को आए दिन होने वाली बिजली की समस्या से दो-चार नहीं होना पड़ेगा।
70 के दशक में जौनसार बावर क्षेत्र का विद्युतीकरण किया गया। लेकिन मेंटीनेंस के अभाव में यह लाइन अब जर्जर हो गई है। कई मर्तबा लोड बढ़ने पर लाइन ब्रेक हो जाती है। जिससे पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है। कई बार फाल्ट को ढूंढने में 3-4 दिन लग जाते हैं। ऐसे में तीन साल पूर्व यूपीसीएल ने क्षेत्र में नई लाइन बिछाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। जिसे अब मंजूरी मिल गई है। इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम के तहत 5 करोड़ रुपये की लागत से करीब 50 किमी लंबी लाइन बिछाई जाएगी। जिससे 350 गांव, खेड़े और मंजरें रोशन होंगे। यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता ने बताया कि पूर्व में क्षेत्र के लिए बिछाई गई लाइन जंगलों से होकर गुजरती थी। जिसे अब सड़क के रास्ते बिछाया जा रहा है। तीन माह के भीतर लाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
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