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ग्रोथ सेंटर के रूप में होगा 50 न्याय पंचायतों का विकास
Updated Sat, 24 Mar 2018 10:32 PM IST
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भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। मुख्यमंत्री ने शनिवार को विधानसभा भवन में राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक कर योजनाओं की समीक्षा की। सीएम ने कहा कि प्रारंभिक चरण में 50 न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन ग्रोथ सेंटरों में हाट बाजार को विकसित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि मनरेगा के अंतर्गत जल संरक्षण एवं संवर्द्धन पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिलों में ऐसी नदियों को चिह्नित किया जाए जिनके पुनर्जीवन का काम होना है, साथ ही जल स्रोतों को रिचार्ज कराने एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा योजना गांव के विकास की धुरी है। इसके तहत अच्छा कार्य करने वाले प्रधानों को सम्मानित किया जाए। मनरेगा योजना के अंतर्गत लेबर कंपोनेंट एवं मैटेरियल कंपोनेंट 60 एवं 40 के अनुपात में ब्लाक स्तर या जिलास्तर पर किया जाए। यही नहीं योजना के तहत शौचालयों का निर्माण तेजी से किया जाए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि भौगोलिक वातावरण के अनुकूल उद्यान, बागवानी एवं कृषि को बढ़ावा दिया जाए, साथ ही पिछले पांच वर्षों में किए पौधारोपण का सर्वे कर जीवित पौधों का डाटा तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शौचालय निर्माण, फार्म पौंड, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं वर्मी/नेडेड पिट से संबंधित कार्यों को करने पर बल दिया। कहा कि प्रदेश में जितने भी फार्म पौंड बनाए जा रहे हैं, उनकी जियो टैगिंग की जाए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से आए ग्राम प्रधानों से मनरेगा के अंतर्गत होने वाले विभिन्न कार्यों के बारे में सुझाव भी लिए। मुख्यमंत्री ने सभी सीडीओ को मनरेगा के तहत होने वाले निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा योजना गांव के विकास की धुरी है। इसके तहत अच्छा कार्य करने वाले प्रधानों को सम्मानित किया जाए। मनरेगा योजना के अंतर्गत लेबर कंपोनेंट एवं मैटेरियल कंपोनेंट 60 एवं 40 के अनुपात में ब्लाक स्तर या जिलास्तर पर किया जाए। यही नहीं योजना के तहत शौचालयों का निर्माण तेजी से किया जाए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि भौगोलिक वातावरण के अनुकूल उद्यान, बागवानी एवं कृषि को बढ़ावा दिया जाए, साथ ही पिछले पांच वर्षों में किए पौधारोपण का सर्वे कर जीवित पौधों का डाटा तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शौचालय निर्माण, फार्म पौंड, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं वर्मी/नेडेड पिट से संबंधित कार्यों को करने पर बल दिया। कहा कि प्रदेश में जितने भी फार्म पौंड बनाए जा रहे हैं, उनकी जियो टैगिंग की जाए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से आए ग्राम प्रधानों से मनरेगा के अंतर्गत होने वाले विभिन्न कार्यों के बारे में सुझाव भी लिए। मुख्यमंत्री ने सभी सीडीओ को मनरेगा के तहत होने वाले निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
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