{"_id":"5aac2c1d4f1c1b91778b5da3","slug":"15212331722-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गूंडा गांव में गहराया पानी का संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गूंडा गांव में गहराया पानी का संकट
Updated Sat, 17 Mar 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी।
मिनी नलकूप की मोटर फूंकने से गूंडा गांव में पानी का संकट बना हुआ है। तीन दिन से नलों से पानी की एक बूंद नहीं टपकी है।
लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। उन्हें एक किमी दूर स्थित नलकूप से पानी ढोना पड़ रहा है। गूंडा गांव में 250 परिवार निवास करते हैं। स्थानीय निवासी पूरण सिंह, मातवर सिंह, बालम सिंह, बलवीर सिंह आदि का कहना है कि ग्रामीणों का पूरा दिन पानी की व्यवस्था में ही निकल जाता है। रोजमर्रा के काम निपटाने में भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नहाने और कपड़े धोने तक के लिए लोगों को नलकूप पर जाना पड़ रहा है। मवेशियों को पानी पिलाने के लिए खड्ड पर ले जाना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी मोटर को ठीक नहीं करा रहा है। कहा यदि शीघ्र ही पेयजल व्यवस्था सुचारु नहीं होती तो लोगों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। उधर, अवर अभियंता बीएस सजवाण ने बताया कि मोटर को ठीक करने के लिए देहरादून से मेकेनिकल टीम को बुलाया गया है। एक से दो दिन में पेयजल आपूर्ति को बहाल कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
मिनी नलकूप की मोटर फूंकने से गूंडा गांव में पानी का संकट बना हुआ है। तीन दिन से नलों से पानी की एक बूंद नहीं टपकी है।
लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। उन्हें एक किमी दूर स्थित नलकूप से पानी ढोना पड़ रहा है। गूंडा गांव में 250 परिवार निवास करते हैं। स्थानीय निवासी पूरण सिंह, मातवर सिंह, बालम सिंह, बलवीर सिंह आदि का कहना है कि ग्रामीणों का पूरा दिन पानी की व्यवस्था में ही निकल जाता है। रोजमर्रा के काम निपटाने में भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नहाने और कपड़े धोने तक के लिए लोगों को नलकूप पर जाना पड़ रहा है। मवेशियों को पानी पिलाने के लिए खड्ड पर ले जाना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी मोटर को ठीक नहीं करा रहा है। कहा यदि शीघ्र ही पेयजल व्यवस्था सुचारु नहीं होती तो लोगों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। उधर, अवर अभियंता बीएस सजवाण ने बताया कि मोटर को ठीक करने के लिए देहरादून से मेकेनिकल टीम को बुलाया गया है। एक से दो दिन में पेयजल आपूर्ति को बहाल कर दिया जाएगा।