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घास के मैदानों और वनीकरण में लगी आग

Wed, 14 Mar 2018 01:44 AM IST
Updated Wed, 14 Mar 2018 01:44 AM IST
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घास के मैदानों और वनीकरण में लगी आग
ब्यूरो/अमर उजाला/ नागथात/चकराता।
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बिसोई गांव के पास घास के मैदानों में भड़की आग ने वनीकरण का रुख कर लिया। करीब तीन किमी के दायरे में किया गया वनीकरण जलकर राख हो गया है। आग से एक छानी स्वाह हो गई जबकि, कुछ छानियों को आंशिक क्षति पहुंची है। आगजनी के कारण खेतों में खड़े कई फलदार पेड़ और गेहूं की फसल भी जल गई। वन विभाग का कोई भी नुमाइंदा मौके पर नहीं पहुंच सका था। आग का कारण घास के मैदान के ऊपर से गुजर रही एचटी लाइन में स्पार्क बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार बिसोई गांव के पास बड़े भूभाग में घास के मैदान फैले हुए हैं। घास के मैदान के पास ही बड़े भूभाग में बांज और बुरांस का वनीकरण किया हुआ है। दोपहर एक बजे लोगों ने घास के मैदानों से धुंआ उठते देखा। कुछ ही देर में आग तेजी से फैलने लगी। करीब 10 किमी के दायरे में फैले घास के मैदान जलकर राख हो गए। आग ने वनीकरण का रुख कर लिया। जो धीरे-धीरे गांव के पास तक जा पहुंची। जिसकी चपेट में आने से गांव निवासी ओम प्रकाश की छानी पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गई। आग से खेतों में खड़ेे कई फलदार पेड़ भी जलकर नष्ट हो गए। हेमेंद्र, विक्रम सिंह, सुरेंद्र सिंह और कमल सिंह की छानी भी आग की चपेट में आ गई। जिस पर समय रहते ग्रामीणों ने काबू पा लिया। लेकिन अन्य जगहों पर अब भी आग भड़की हुई है। देवणीधार, छुरायू, चिलाखर छानी के पास आग की ऊंची-ऊंची लपटें ऊठ रही हैं। ग्रामीण इंदर सिंह, महेंद्र सिंह, सूपा सिंह, हृदय सिंह, कमलेश, प्रभा देवी, सुप्पी देवी, प्रदीप, जयपाल, पप्पू, हरीश, भरत, जगदीश, सुनीता देवी, पुष्पा देवी का कहना है कि वह दोपहर से ही आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटे हैं। आग के कारण पशुओं के सामने चारा-पत्ति का संकट खड़ा हो गया है। जंगल में चरने के लिए गए पशुओं का भी कुछ अता-पता नहीं चल पा रहा है।
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यहां भी भड़की थी आग
नागथात। बीते सोमवार की शाम को खाड़ी गांव के पास स्थित चामेडी बेंड के पास स्थित घास के एक मैदान में भी आग भड़क उठी थी। तेज हवा के साथ आग ने गांव का रुख कर लिया था। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीण आग पर काबू पाने में कामयाब हो सके। मसू समिति की अध्यक्ष भगत सिंह तोमर ने कहा कि गांव वालों की मेहनत से आग पर काबू पाया जा सका। उन्होंने बताया कि यदि आग पर काबू न पाया जाता तो खाड़ी गांव के साथ-साथ लुहन गांव का घास भी सारा जल जाता। आग बुझाने में भगत सिंह तोमर, संसार सिंह, दिगपाल, इंद्रा देवी, आमो देवी, विनीता देवी, नीता तोमर, पूजा तोमर, दीपिका तोमर, भागीरथ सिंह ,अनुज तोमर आदि लोग शामिल रहे।
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जिस जगह पर आग लगी है। वह इलाका वन विभाग के अंतर्गत नहीं आता। वहां रखरखाव की जिम्मेदार राजस्व विभाग की है। फिलहाल सूचना मिलने पर वन विभाग की एक टीम को मौके के लिए रवाना किया जा चुका है। - दीप चंद आर्य, डीएफओ चकराता
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