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गैरसैंण राजधानी के लिए 20 मार्च को विधान सभा का घेराव
Updated Sun, 11 Feb 2018 10:48 PM IST
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श्रीनगर। गैरसैंण को प्रदेश की स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग के लिए 20 मार्च को गैरसैण विधान सभा सत्र का घेराव किया जाएगा। साथ ही लोगों को गैरसैंण के मुद्दे पर प्रेरित करने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
रविवार को नगर पालिका परिषद के सभागार में गैरसैंण स्थायी राजधानी संघर्ष समिति की पहल पर आयोजित सम्मेलन में पौड़ी के पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम ने कहा कि समय आ गया है कि सब लोग पूरी ऊर्जा राजधानी के लिए लगाएं। भाकपा (माले) नेता इंद्रेश मैखुरी ने राज्य गठन और राजधानी स्थापना के मसले पर भाजपा और कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया।
संघर्ष समिति रुद्रप्रयाग के अध्यक्ष मोहित डिमरी ने कहा कि 20 मार्च को गैरसैंण में विधान सभा का घेराव कर सरकार पर गैरसैंण राजधानी का प्रस्ताव पारित करने का दबाव बनाया जाएगा। अब सरकार से सीधी लड़ाई राजधानी गैरसैंण के लिए है। वरिष्ठ आंदोलनकारी चारु तिवारी ने कहा कि हमें अपने दुश्मन (गैरसैंण विरोधी), मैदान (गैरसैंण) और हथियार (जनता) को पहचानना होगा।
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वक्ताओं ने कहा कि राजधानी की मांग सिर्फ यह नहीं है कि शासन और सरकार पहाड़ में बैठे। बल्कि यह रोजगार, विकास और पलायन का सवाल है। तय किया गया कि आंदोलनकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को एकत्रित करेंगे। इसके अलावा प्रदेश भर के त्रिस्तरीय पंचायत सदनों में गैरसैंण राजधानी प्रस्ताव पारित करने को कहा जाएगा। अगली बैठक बागेश्वर में करने का निर्णय लिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता चकबंदी आंदोलन के प्रणेता गणेश सिंह गरीब व नैनीताल के पूर्व सांसद महेंद्र पाल सिंह और संचालन नवीन नौटियाल ने किया। इस अवसर पर पीसी तिवारी, गोविंद भंडारी, मीना सिंघवाल, संजय घिल्डियाल, नारायण रावत और रेखा धस्माना आदि मौजूद थे।
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रविवार को नगर पालिका परिषद के सभागार में गैरसैंण स्थायी राजधानी संघर्ष समिति की पहल पर आयोजित सम्मेलन में पौड़ी के पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम ने कहा कि समय आ गया है कि सब लोग पूरी ऊर्जा राजधानी के लिए लगाएं। भाकपा (माले) नेता इंद्रेश मैखुरी ने राज्य गठन और राजधानी स्थापना के मसले पर भाजपा और कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया।
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संघर्ष समिति रुद्रप्रयाग के अध्यक्ष मोहित डिमरी ने कहा कि 20 मार्च को गैरसैंण में विधान सभा का घेराव कर सरकार पर गैरसैंण राजधानी का प्रस्ताव पारित करने का दबाव बनाया जाएगा। अब सरकार से सीधी लड़ाई राजधानी गैरसैंण के लिए है। वरिष्ठ आंदोलनकारी चारु तिवारी ने कहा कि हमें अपने दुश्मन (गैरसैंण विरोधी), मैदान (गैरसैंण) और हथियार (जनता) को पहचानना होगा।
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वक्ताओं ने कहा कि राजधानी की मांग सिर्फ यह नहीं है कि शासन और सरकार पहाड़ में बैठे। बल्कि यह रोजगार, विकास और पलायन का सवाल है। तय किया गया कि आंदोलनकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को एकत्रित करेंगे। इसके अलावा प्रदेश भर के त्रिस्तरीय पंचायत सदनों में गैरसैंण राजधानी प्रस्ताव पारित करने को कहा जाएगा। अगली बैठक बागेश्वर में करने का निर्णय लिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता चकबंदी आंदोलन के प्रणेता गणेश सिंह गरीब व नैनीताल के पूर्व सांसद महेंद्र पाल सिंह और संचालन नवीन नौटियाल ने किया। इस अवसर पर पीसी तिवारी, गोविंद भंडारी, मीना सिंघवाल, संजय घिल्डियाल, नारायण रावत और रेखा धस्माना आदि मौजूद थे।