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नहरें क्षतिग्रस्त पड़ी होने से काश्तकार नहीं कर पा रहे खेतों की सिंचाई
Updated Mon, 29 Jan 2018 09:44 PM IST
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गोपेश्वर। चमोली जिले में बीस सिंचाई नहरें क्षतिग्रस्त पड़ी हैं, जिससे ग्रामीण खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। दशोली ब्लॉक की रोपा-मैठाणा, टंगसा-पिलंग, गडोरा-मायापुर, सैकोट, मासैं और मंडल सिंचाई नहरें डेढ़ साल से सूखी पड़ी हैं। वहीं कर्णप्रयाग ब्लॉक की मंगरोली सिंचाई नहर भी आपदा के बाद से जगह-जगह क्षतिग्रस्त पड़ी है।
क्षेत्र पंचायत दशोली के पूर्व ब्लॉक प्रमुख नंदन सिंह बिष्ट का कहना है कि बीते वर्ष जून माह में आपदा के दौरान मंगरोली सिंचाई नहर नंदाकिनी के बहाव में बह गई थी, लेकिन अभी तक सिंचाई विभाग की ओर से नहर की मरम्मत नहीं की गई है। ग्रामीण गुड्डू राजा का कहना है कि नहर क्षतिग्रस्त होने से खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इधर, सिंचाई विभाग के ईई जगदीश प्रसाद थपलियाल का कहना है कि चमोली जिले में 20 सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। इनकी मरम्मत के लिए शासन से दो करोड़ की मांग की गई है। बजट मिलते ही नहरों की मरम्मत का काम शुरू करा दिया जाएगा।
क्षेत्र पंचायत दशोली के पूर्व ब्लॉक प्रमुख नंदन सिंह बिष्ट का कहना है कि बीते वर्ष जून माह में आपदा के दौरान मंगरोली सिंचाई नहर नंदाकिनी के बहाव में बह गई थी, लेकिन अभी तक सिंचाई विभाग की ओर से नहर की मरम्मत नहीं की गई है। ग्रामीण गुड्डू राजा का कहना है कि नहर क्षतिग्रस्त होने से खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इधर, सिंचाई विभाग के ईई जगदीश प्रसाद थपलियाल का कहना है कि चमोली जिले में 20 सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। इनकी मरम्मत के लिए शासन से दो करोड़ की मांग की गई है। बजट मिलते ही नहरों की मरम्मत का काम शुरू करा दिया जाएगा।
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