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आज खुलेंगे राजराजेश्वरी चंडिका मंदिर सिमली के कपाट
Updated Sun, 28 Jan 2018 09:32 PM IST
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कर्णप्रयाग। ब्लाक के सिमली स्थित सिद्धपीठ राजराजेश्वरी देवी चंडिका मंदिर के कपाट 29 जनवरी सोमवार को सुबह 10 बजे वैदिक मंत्रोचारण के साथ खुलेंगे। मंदिर समिति ने मंदिर को भव्य रूप से सजाया है। कपाट खुलने की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
पिंडर नदी के तट पर बसे सिद्धपीठ चंडिका मंदिर के कपाट मकर संक्रांति के अवसर पर 15 दिनों के लिए बंद रखने की परंपरा है। पुजारियों के अनुसार यह परंपरा अनादिकाल से चली आ रही है। इस दौरान मंदिर में न कोई श्रद्धालु जाता है और न ही पूजा की जाती है। मकर संक्रांति से ठीक 15 दिनों बाद चंडिका देवी मंदिर के साथ ही मंदिर परिसर में पूजा शुरू की जाती है। मंदिर समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मंदिर के कपाट उद्घाटन को भव्य मनाने के लिए धार्मिक अनुष्ठान किया जा रहा है। सिद्धपीठ राजराजेश्वरी चंडिका मंदिर में वर्ष भर स्थानीय और देश तथा विदेश से श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंचते हैं। थोकदार जोध सिंह लडोला ने बताया कि सोमवार सुबह पुजारी हरि प्रसाद गैरोला, प्रदीप गैरोला और कृष्ण चंद्र गैरोला वैदिक परंपरानुसार मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोलेंगे। इस अवसर पर भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।
पिंडर नदी के तट पर बसे सिद्धपीठ चंडिका मंदिर के कपाट मकर संक्रांति के अवसर पर 15 दिनों के लिए बंद रखने की परंपरा है। पुजारियों के अनुसार यह परंपरा अनादिकाल से चली आ रही है। इस दौरान मंदिर में न कोई श्रद्धालु जाता है और न ही पूजा की जाती है। मकर संक्रांति से ठीक 15 दिनों बाद चंडिका देवी मंदिर के साथ ही मंदिर परिसर में पूजा शुरू की जाती है। मंदिर समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मंदिर के कपाट उद्घाटन को भव्य मनाने के लिए धार्मिक अनुष्ठान किया जा रहा है। सिद्धपीठ राजराजेश्वरी चंडिका मंदिर में वर्ष भर स्थानीय और देश तथा विदेश से श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंचते हैं। थोकदार जोध सिंह लडोला ने बताया कि सोमवार सुबह पुजारी हरि प्रसाद गैरोला, प्रदीप गैरोला और कृष्ण चंद्र गैरोला वैदिक परंपरानुसार मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोलेंगे। इस अवसर पर भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।
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