{"_id":"5a63aac84f1c1b514a8b4ac8","slug":"151648141510-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौत का कुवां साबित हो रहे गंगा के गहरे तट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौत का कुवां साबित हो रहे गंगा के गहरे तट
Updated Sun, 21 Jan 2018 02:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पर्यटक लगा रहे खतरनाक गंगातटों पर मौत की डुबकी
-- आठ महीनों में 19 की हो चुकी हैं मौतें, न पर्यटक हुए जागरुक और न प्रशासन कर रहा निगरानी
-- कई घाटों, तटों पर चेतावनी बोर्ड, सांकल, रस्सों का इंतजाम भी नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। तीर्थनगरी में घूमने आने वाले यात्री जागरुक न होने के चलते चेतावनी के बावजूद खतरनाक गंगातटों या घाटों पर नहाने जाते हैं, कई पर्यटकों के साथ डूबने की घटनाएं भी हो चुके हैं, इसके बावजूद पर्यटक गहरे तटों पर न तो नहाने से परहेज कर रहे, और ना ही प्रशासन इस तरफ कोई कदम उठा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले केवल 8 महीने के दौरान ही 15 पर्यटकों की डूबने से मौत हो चुकी है।
लक्ष्मणझूला के गोवा बीच से स्वर्गाश्रम के वेदनिकेतन धाम तक आधा दर्जन से अधिक गंगाघाट और इतने ही गंगातट नदी में स्नान की दृष्टि से अत्यधिक खतरनाक हैं। साथ ही मुनिकीरेती से शिवपुरी तक कई खतरनाक स्थानों पर स्नानार्थियों के डूबने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। मगर इसके बावजूद पौड़ी व टिहरी प्रशासन ऐसे गंगातटों व घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जुटाना तो दूर इनमें अधिकांश स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने और निगरानी की तक व्यवस्था नहीं कर पाई है। जिन खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगे हैं, उस ओर पुलिस ने निगरानी भी बंद कर दी है, लिहाजा इनमें से कई मामलों में पर्यटक भी लापरवाह बने हुए हैं।
आठ महीनों में हुई 15 पर्यटकों की मौतें
30 अप्रैल-2017 शिवपुरी क्षेत्र में डूबने से नीरज 26 निवासी गुरुग्राम फरीदाबाद डूबने से मौत।
4 मई शिवपुरी क्षेत्र में गंगा में डूबने से हरीश नौटियाल 25 निवासी अंजनीसैंण टिहरी गढ़वाल की मौत।
7 मई बैराज रोड पर गंगा में डूबने से बलवंत बिष्ट 29 निवासी मुरादाबाद की मौत।
12 मई मुनिकीरेती में धर्मपाल भंडारी 26 निवासी शिवपुरी टिहरी गढ़वाल की गंगा में डूबने से मौत।
13 मई राफ्ट पलटने से सुभाष 34 निवासी मेहरौली दिल्ली की मौत।
14 मई सिरासू, यमकेश्वर क्षेत्र में गंगा में नहाते समय अब्बास 23 व हुसैन गागरजी 23 निवासी नियर साइका अपार्टमेंट गोदी रोड दाहौद, गुजरात और मोहित रावत निवासी बिरला मंदिर, नई दिल्ली की मौत।
विज्ञापन
10 जून चीला शक्ति नहर में डूबने से किरन चौधरी 22 निवासी लालतप्पड़ डोईवाला की मौत।
23 जून थाना मुनिकीरेती क्षेत्र में रामझूला पुल के नीचे पंकज कुमार 22 निवासी दिल्ली की मौत।
25 जून थाना लक्ष्मणझूला के किरमोला घाट पर कुंदन सिंह 25 निवासी मुबारकपुर, दिल्ली डूबा। अभी शव बरामद नहीं, रेस्क्यू जारी।
14 जुलाई लक्ष्मणझूला नीम बीच पर दीपक पपनै निवासी रामगढ़ नैनीताल डूबा।
17 जुलाई वरुण सिंह, प्रतापगढ़ राजस्थान तपोवन में डूबा।
30 अक्टूबर डी सुभाषनी निवासी चैन्नई गोल्फ फोर्स रैपिड पर राफ्टिंग के दौरान डूबी।
07 जनवरी-18 भगवती बर्मन, लक्ष्मीनगर दिल्ली, गोल्फ फोर्स रैपिड पर राफ्टिंग के दौरान डूबी।
आठ महीनों में हुई 15 पर्यटकों की मौतें
ऋषिकेश। थाना लक्ष्मणझूला पुलिस के मुताबिक थाना क्षेत्र में हेंवल नदी में नहाते वक्त कुलदीप सिसौदिया निवासी हरियाणा की डूबने से मौत हुई, विलास व सुरेश चंद निवासी अंबेडकरनगर ज्वालापुर हरिद्वार बिरलाघाट पर नहाते समय गंगा में बह गए। जबकि राहुल निवासी गोरखपुर यूपी लक्ष्मणझूला स्थित बांबे घाट पर गंगा में डूबा।
चार साल से परवान नहीं चढ़ी निगरानी टावर की कवायद
ऋषिकेश। लक्ष्मणझूला पुलिस वर्ष 2014 में गंगातटों और घाटों पर डूबने की घटनाओं की रोकथाम के लिए नदी तट पर निगरानी टावर स्थापित करने का दावा किया था। पुलिस ने इसकी कवायद भी शुरू की थी, मगर चार साल बाद भी इसमें सफलता नहीं मिली। लिहाजा निगरानी के अभाव व नदी तटों पर पुलिस की गश्त और निगरानी की व्यवस्था नहीं होने से अक्सर लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं।
लक्ष्मणझूला थाने के अतिसंवेदनशील गंगाघाट, तट
गोवा बिच, डीएम कैंप आफिस के आसपास का गंगातट, बांबे घाट, संत सेवा आश्रम घाट, किरमौला घाट, मस्तराम बाबा आश्रम गंगातट, गंगा लाइन मार्ग पर राधेश्याम गंगातट।
--मुनिकीरेती थाना क्षेत्र के संवेदनशील गंगाघाट, तट
नीम बिच, रामझूला के आसपास का इलाका, शिवपुरी क्षेत्र आदि ।
गहरे घाटों,तटों पर पुलिस टीम निगरानी पर लगाई गई है। जो पर्यटकों को रोकते हैं। कई दफा पर्यटक समझाने के बाद भी नहीं मानते और घटना हो जाती है। निगरानी टावर बनाने का मामला संज्ञान में नहीं है।
-- प्रदीप राणा, थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला।
विज्ञापन
-- आठ महीनों में 19 की हो चुकी हैं मौतें, न पर्यटक हुए जागरुक और न प्रशासन कर रहा निगरानी
-- कई घाटों, तटों पर चेतावनी बोर्ड, सांकल, रस्सों का इंतजाम भी नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। तीर्थनगरी में घूमने आने वाले यात्री जागरुक न होने के चलते चेतावनी के बावजूद खतरनाक गंगातटों या घाटों पर नहाने जाते हैं, कई पर्यटकों के साथ डूबने की घटनाएं भी हो चुके हैं, इसके बावजूद पर्यटक गहरे तटों पर न तो नहाने से परहेज कर रहे, और ना ही प्रशासन इस तरफ कोई कदम उठा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले केवल 8 महीने के दौरान ही 15 पर्यटकों की डूबने से मौत हो चुकी है।
लक्ष्मणझूला के गोवा बीच से स्वर्गाश्रम के वेदनिकेतन धाम तक आधा दर्जन से अधिक गंगाघाट और इतने ही गंगातट नदी में स्नान की दृष्टि से अत्यधिक खतरनाक हैं। साथ ही मुनिकीरेती से शिवपुरी तक कई खतरनाक स्थानों पर स्नानार्थियों के डूबने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। मगर इसके बावजूद पौड़ी व टिहरी प्रशासन ऐसे गंगातटों व घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जुटाना तो दूर इनमें अधिकांश स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने और निगरानी की तक व्यवस्था नहीं कर पाई है। जिन खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगे हैं, उस ओर पुलिस ने निगरानी भी बंद कर दी है, लिहाजा इनमें से कई मामलों में पर्यटक भी लापरवाह बने हुए हैं।
विज्ञापन
आठ महीनों में हुई 15 पर्यटकों की मौतें
30 अप्रैल-2017 शिवपुरी क्षेत्र में डूबने से नीरज 26 निवासी गुरुग्राम फरीदाबाद डूबने से मौत।
4 मई शिवपुरी क्षेत्र में गंगा में डूबने से हरीश नौटियाल 25 निवासी अंजनीसैंण टिहरी गढ़वाल की मौत।
7 मई बैराज रोड पर गंगा में डूबने से बलवंत बिष्ट 29 निवासी मुरादाबाद की मौत।
12 मई मुनिकीरेती में धर्मपाल भंडारी 26 निवासी शिवपुरी टिहरी गढ़वाल की गंगा में डूबने से मौत।
13 मई राफ्ट पलटने से सुभाष 34 निवासी मेहरौली दिल्ली की मौत।
14 मई सिरासू, यमकेश्वर क्षेत्र में गंगा में नहाते समय अब्बास 23 व हुसैन गागरजी 23 निवासी नियर साइका अपार्टमेंट गोदी रोड दाहौद, गुजरात और मोहित रावत निवासी बिरला मंदिर, नई दिल्ली की मौत।
विज्ञापन
10 जून चीला शक्ति नहर में डूबने से किरन चौधरी 22 निवासी लालतप्पड़ डोईवाला की मौत।
23 जून थाना मुनिकीरेती क्षेत्र में रामझूला पुल के नीचे पंकज कुमार 22 निवासी दिल्ली की मौत।
25 जून थाना लक्ष्मणझूला के किरमोला घाट पर कुंदन सिंह 25 निवासी मुबारकपुर, दिल्ली डूबा। अभी शव बरामद नहीं, रेस्क्यू जारी।
14 जुलाई लक्ष्मणझूला नीम बीच पर दीपक पपनै निवासी रामगढ़ नैनीताल डूबा।
17 जुलाई वरुण सिंह, प्रतापगढ़ राजस्थान तपोवन में डूबा।
30 अक्टूबर डी सुभाषनी निवासी चैन्नई गोल्फ फोर्स रैपिड पर राफ्टिंग के दौरान डूबी।
07 जनवरी-18 भगवती बर्मन, लक्ष्मीनगर दिल्ली, गोल्फ फोर्स रैपिड पर राफ्टिंग के दौरान डूबी।
आठ महीनों में हुई 15 पर्यटकों की मौतें
ऋषिकेश। थाना लक्ष्मणझूला पुलिस के मुताबिक थाना क्षेत्र में हेंवल नदी में नहाते वक्त कुलदीप सिसौदिया निवासी हरियाणा की डूबने से मौत हुई, विलास व सुरेश चंद निवासी अंबेडकरनगर ज्वालापुर हरिद्वार बिरलाघाट पर नहाते समय गंगा में बह गए। जबकि राहुल निवासी गोरखपुर यूपी लक्ष्मणझूला स्थित बांबे घाट पर गंगा में डूबा।
चार साल से परवान नहीं चढ़ी निगरानी टावर की कवायद
ऋषिकेश। लक्ष्मणझूला पुलिस वर्ष 2014 में गंगातटों और घाटों पर डूबने की घटनाओं की रोकथाम के लिए नदी तट पर निगरानी टावर स्थापित करने का दावा किया था। पुलिस ने इसकी कवायद भी शुरू की थी, मगर चार साल बाद भी इसमें सफलता नहीं मिली। लिहाजा निगरानी के अभाव व नदी तटों पर पुलिस की गश्त और निगरानी की व्यवस्था नहीं होने से अक्सर लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं।
लक्ष्मणझूला थाने के अतिसंवेदनशील गंगाघाट, तट
गोवा बिच, डीएम कैंप आफिस के आसपास का गंगातट, बांबे घाट, संत सेवा आश्रम घाट, किरमौला घाट, मस्तराम बाबा आश्रम गंगातट, गंगा लाइन मार्ग पर राधेश्याम गंगातट।
--मुनिकीरेती थाना क्षेत्र के संवेदनशील गंगाघाट, तट
नीम बिच, रामझूला के आसपास का इलाका, शिवपुरी क्षेत्र आदि ।
गहरे घाटों,तटों पर पुलिस टीम निगरानी पर लगाई गई है। जो पर्यटकों को रोकते हैं। कई दफा पर्यटक समझाने के बाद भी नहीं मानते और घटना हो जाती है। निगरानी टावर बनाने का मामला संज्ञान में नहीं है।
-- प्रदीप राणा, थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला।