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अब अपने गांवों तक जाने के लिए ग्रामीण नहीं नापेंगे बीस किमी की पैदल दूरी
Updated Tue, 09 Jan 2018 10:37 PM IST
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पीपलकोटी। मठ-बैमरु क्षेत्र में पहली बार बस के पहुंचने पर ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। क्षेत्र के दस किलोमीटर पीपलकोटी-मठ-झड़ेता मोटर मार्ग पर मंगलवार को पहली बार बस सेवा शुरू हुई। दोपहर दो बजे सड़क के किमी आठ पर स्थित बेमरु गांव में बस पहुंची तो ग्रामीणों ने चालक शिशुपाल सिंह और परिचालक भरत सिंह का फूल-मालाओं से स्वागत किया।
बस चलने से अब क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेमरु, मठ, झड़ेता, सुरेंडा, गुनियाला, बेडु माथल, बजनी, कांडा-कुणखेत, लुदाऊं, स्यूंण, डुमक, कलगोठ, लांजी, पोखनी गांव के ग्रामीण वाहनों से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। बताया गया है कि इस सड़क को बेमरु गांव से आगे बदरीनाथ हाईवे पर स्थित मारवाड़ी गांव तक बनाया जाएगा। मारवाड़ी तक सड़क बनने पर यात्राकाल में बदरीनाथ हाईवे के अवरुद्ध होने की स्थिति में इस सड़क से तीर्थयात्रा का संचालन किया जा सकता है।
बेमरु गांव के प्रधान रविंद्र सिंह का कहना है कि इस सड़क के बनने से उर्गम, डुमक और कलगोठ गांव के बाशिंदों को बड़ी राहत मिली है। अभी तक इन गांवों के ग्रामीण अपने गांव तक जाने के लिए पंद्रह से बीस किलोमीटर की दूरी पैदल नापते थे। ग्रामीण राकेश सिंह, विनोद, पान सिंह, रमेश चंद्र, बलवीर सिंह, शिशुपाल सिंह, बलवंत सिंह, जगत सिंह राणा, सावित्री देवी, सुबधा देवी, माहेश्वरी, विमला, दीपा, मनोज आदि भी कहना है कि ग्रामीणों को अब लंबा पैदल सफर तय नहीं करना पड़ेगा।
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बस चलने से अब क्षेत्र की ग्राम पंचायत बेमरु, मठ, झड़ेता, सुरेंडा, गुनियाला, बेडु माथल, बजनी, कांडा-कुणखेत, लुदाऊं, स्यूंण, डुमक, कलगोठ, लांजी, पोखनी गांव के ग्रामीण वाहनों से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। बताया गया है कि इस सड़क को बेमरु गांव से आगे बदरीनाथ हाईवे पर स्थित मारवाड़ी गांव तक बनाया जाएगा। मारवाड़ी तक सड़क बनने पर यात्राकाल में बदरीनाथ हाईवे के अवरुद्ध होने की स्थिति में इस सड़क से तीर्थयात्रा का संचालन किया जा सकता है।
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बेमरु गांव के प्रधान रविंद्र सिंह का कहना है कि इस सड़क के बनने से उर्गम, डुमक और कलगोठ गांव के बाशिंदों को बड़ी राहत मिली है। अभी तक इन गांवों के ग्रामीण अपने गांव तक जाने के लिए पंद्रह से बीस किलोमीटर की दूरी पैदल नापते थे। ग्रामीण राकेश सिंह, विनोद, पान सिंह, रमेश चंद्र, बलवीर सिंह, शिशुपाल सिंह, बलवंत सिंह, जगत सिंह राणा, सावित्री देवी, सुबधा देवी, माहेश्वरी, विमला, दीपा, मनोज आदि भी कहना है कि ग्रामीणों को अब लंबा पैदल सफर तय नहीं करना पड़ेगा।
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