{"_id":"5a54f2f84f1c1b40198b5baf","slug":"151551684116-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं मिलेंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं मिलेंगी
Updated Tue, 09 Jan 2018 10:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के विशेषज्ञ चिकित्सक/संकाय सदस्यों की सेवाएं टेली मेडिसिन के जरिए राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित चार अस्पतालों को मिलेंगी। इसके लिए कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल में ई-हेल्थ स्टूडियो खोला जाएगा। बुधवार को अनुबंधित फर्म एचपी इंटरप्राइजेज के अधिकारी स्टूडियो के लिए स्थान चिह्न्ति करने के लिए बेस अस्पताल का निरीक्षण करेंगे।
उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में सामान्य चिकित्सकों सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है। चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों की शरण लेनी पड़ती है। कई बार रेफर होते-होते मरीजों की जान चली जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार ने टेली मेडिसिन का सहारा लिया है। टेली मेडिसिन (ई-हेल्थ सेंटर) की स्थापना के लिए स्वास्थ्य विभाग का एचपी इंटरप्राइजेज इंडिया प्राइवेट लि. के साथ एमओयू हुआ है। प्रथम चरण में श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में ई-हेल्थ स्टूडियो खोला जा रहा है। इससे गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के 4 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोड़े जाएंगे। टेली-मेडिसिन के जरिए मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के विशेषज्ञ चिकित्सक संबंधित अस्पतालों को चिकित्सीय सलाह देंगे। यहां बता दे कि प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत 28 जनवरी को ई-हेल्थ सेंटर का उद्घाटन करेंगे। टेली-मेडिसिन सेवा शुरू करने के संबंध में मंगलवार को चिकित्सा महानिदेशक के कार्यालय में बैठक भी आयोजित की गई। इसमें मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने भी भाग लिया। प्रो. रावत ने बताया कि बुधवार को टीम अस्पताल का निरीक्षण करेगी। टेली-मेडिसिन के जरिए श्रीनगर में बैठे-बैठे विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे।
इन अस्पतालों में होनी है टेली मेेडिसिन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव (उत्तरकाशी), अगस्त्यमुनि(रुद्रप्रयाग), भिकियासैंण(अल्मोड़ा) और ओखलकांडा (नैनीताल)
विज्ञापन
उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में सामान्य चिकित्सकों सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है। चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों की शरण लेनी पड़ती है। कई बार रेफर होते-होते मरीजों की जान चली जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार ने टेली मेडिसिन का सहारा लिया है। टेली मेडिसिन (ई-हेल्थ सेंटर) की स्थापना के लिए स्वास्थ्य विभाग का एचपी इंटरप्राइजेज इंडिया प्राइवेट लि. के साथ एमओयू हुआ है। प्रथम चरण में श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में ई-हेल्थ स्टूडियो खोला जा रहा है। इससे गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के 4 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोड़े जाएंगे। टेली-मेडिसिन के जरिए मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के विशेषज्ञ चिकित्सक संबंधित अस्पतालों को चिकित्सीय सलाह देंगे। यहां बता दे कि प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत 28 जनवरी को ई-हेल्थ सेंटर का उद्घाटन करेंगे। टेली-मेडिसिन सेवा शुरू करने के संबंध में मंगलवार को चिकित्सा महानिदेशक के कार्यालय में बैठक भी आयोजित की गई। इसमें मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने भी भाग लिया। प्रो. रावत ने बताया कि बुधवार को टीम अस्पताल का निरीक्षण करेगी। टेली-मेडिसिन के जरिए श्रीनगर में बैठे-बैठे विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे।
विज्ञापन
इन अस्पतालों में होनी है टेली मेेडिसिन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव (उत्तरकाशी), अगस्त्यमुनि(रुद्रप्रयाग), भिकियासैंण(अल्मोड़ा) और ओखलकांडा (नैनीताल)