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मेडिकल कॉलेजों के लिए मिले विशेष बजट
Updated Thu, 01 Feb 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
आज पेश होने वाले केंद्रीय आम बजट से स्वास्थ्य क्षेत्र को भी बड़ी उम्मीदें हैं। सरकार हिमालयी राज्यों में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए विशेष बजट का प्रावधान करे। हिमालयी राज्यों में निजी अस्पताल काफी कम हैं। विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इन राज्यों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिले, इसके लिए पर्वतीय जनपदों में मेडिकल कॉलेजों के लिए विशेष बजट दिया जाए। इन राज्यों में केंद्र की ओर से संचालित योजनाओं के बजट में इजाफा किया जाए।
आम व्यक्ति को राहत के लिए जीवन रक्षक दवाओं को टैक्स फ्री किया जाना चाहिए। इसके अलावा जेनेरिक दवाआें को बढ़ावा दिया जाए। दवाओं के मूल्य में जो अंतर है उसे कम करने के लिए केंद्र सरकार कोई आवश्यक कदम उठाए। इसके साथ ही नर्सिंग होम और अस्पताल के निर्माण के लिए ऋण में ब्याज की दरों में छूट का प्रावधान किया जाए। वर्तमान में नर्सिंग होम हो या फिर कोई फैक्ट्री समान रूप से लोन में ब्याज की दर ली जा रही है।
-(डा.एलसी पुनेठा, डॉ.कुश ऐरन, डॉ.वीएस चौहान, पूर्व शिक्षा निदेशक सीएस ग्वाल)
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आज पेश होने वाले केंद्रीय आम बजट से स्वास्थ्य क्षेत्र को भी बड़ी उम्मीदें हैं। सरकार हिमालयी राज्यों में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए विशेष बजट का प्रावधान करे। हिमालयी राज्यों में निजी अस्पताल काफी कम हैं। विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इन राज्यों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिले, इसके लिए पर्वतीय जनपदों में मेडिकल कॉलेजों के लिए विशेष बजट दिया जाए। इन राज्यों में केंद्र की ओर से संचालित योजनाओं के बजट में इजाफा किया जाए।
आम व्यक्ति को राहत के लिए जीवन रक्षक दवाओं को टैक्स फ्री किया जाना चाहिए। इसके अलावा जेनेरिक दवाआें को बढ़ावा दिया जाए। दवाओं के मूल्य में जो अंतर है उसे कम करने के लिए केंद्र सरकार कोई आवश्यक कदम उठाए। इसके साथ ही नर्सिंग होम और अस्पताल के निर्माण के लिए ऋण में ब्याज की दरों में छूट का प्रावधान किया जाए। वर्तमान में नर्सिंग होम हो या फिर कोई फैक्ट्री समान रूप से लोन में ब्याज की दर ली जा रही है।
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-(डा.एलसी पुनेठा, डॉ.कुश ऐरन, डॉ.वीएस चौहान, पूर्व शिक्षा निदेशक सीएस ग्वाल)