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मातृसदन में कटे पेड़ों का जिलाधिकारी ने लिया संज्ञान
Updated Thu, 04 Jan 2018 11:41 PM IST
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हरिद्वार।
मातृसदन की जमीन पर कटे पेड़ मिलने पर जिलाधिकारी दीपक रावत ने वन विभाग और सिंचाई विभाग को आश्रम प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
मालूम हो कि पिछले दिनों जिला प्रशासन ने मातृसदन की जमीन की पैमाइश की थी। मातृसदन पर आरोप था कि उसने ग्राम समाज और अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन को अवैध रुप से कब्जा रखा है। जमीन की पैमाइश के दौरान राजस्व विभाग की टीम को मातृसदन की जमीन और गंगा की भूमि पर दो-दो शीशम के पेड़ कटे मिले थे।
पेड़ों के काटे जाने की रिपोर्ट राजस्व विभाग की टीम ने जिलाधिकारी को दी। पेड़ों के काटे जाने पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया। उन्होंने मातृसदन के अंदर कटे पेड़ों के मामले पर वन विभाग और गंगा भूमि में कटे दो पेड़ों के मामले में सिंचाई विभाग को कार्रवाई करने को निर्देश दिए। जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि पेड़ काटने के लिए संबंधित विभाग की अनुमति लेना जरूरी है। यदि मातृसदन ने बिना अनुमति के पेड़ों का कटान किया है तो संबंधित विभाग को मुकदमे दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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डीएम करते हैं गैरकानूनी व असंवैधानिक कार्य: शिवानंद
हरिद्वार। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने जिलाधिकारी पर उनके अधीनस्थ अधिकारियों पर गैरकानूनी और असंवैधानिक कार्य कराने का आरोप लगाया है। बृहस्पतिवार को जगजीतपुर स्थित मातृसदन आश्रम में प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी गैरकानूनी और असंवैधानिक तरीके से कार्य करते हैं और अपने अधीनस्थ अधिकारियों को भी ऐसा करने के लिए कहते हैं। उन्होंने कहा कि एडीएम को धारा-144 के तहत नोटिस जारी करने का अधिकार नहीं हैं और धारा 144 आश्रम व तपस्या पर लागू नहीं किया जा सकता हैं। उन्होंने ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद पर की गई कार्रवाई को गलत बताया और मजिस्ट्रेट व जेलर की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि तहसीलदार ने कानूनी प्रावधानों को दरकिनार कर मातृसदन को बिना सूचित किए भूमि की पैमाइश की। इस दौरान राजस्व टीम के सदस्यों ने खाने के उपरांत आश्रम में प्लास्टिक की बोतलें, प्लेट मातृसदन प्रांगण में फेंककर आश्रम के पवित्र वातावरण को दूषित किया। उन्होंने कहा कि गंगा में रोजाना सवा दो करोड़ की रॉयल्टी की चोरी हो रही है। उन्होंने कहा कि मातृसदन में तपस्या में विघ्न डालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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मातृसदन की जमीन पर कटे पेड़ मिलने पर जिलाधिकारी दीपक रावत ने वन विभाग और सिंचाई विभाग को आश्रम प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
मालूम हो कि पिछले दिनों जिला प्रशासन ने मातृसदन की जमीन की पैमाइश की थी। मातृसदन पर आरोप था कि उसने ग्राम समाज और अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन को अवैध रुप से कब्जा रखा है। जमीन की पैमाइश के दौरान राजस्व विभाग की टीम को मातृसदन की जमीन और गंगा की भूमि पर दो-दो शीशम के पेड़ कटे मिले थे।
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पेड़ों के काटे जाने की रिपोर्ट राजस्व विभाग की टीम ने जिलाधिकारी को दी। पेड़ों के काटे जाने पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया। उन्होंने मातृसदन के अंदर कटे पेड़ों के मामले पर वन विभाग और गंगा भूमि में कटे दो पेड़ों के मामले में सिंचाई विभाग को कार्रवाई करने को निर्देश दिए। जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि पेड़ काटने के लिए संबंधित विभाग की अनुमति लेना जरूरी है। यदि मातृसदन ने बिना अनुमति के पेड़ों का कटान किया है तो संबंधित विभाग को मुकदमे दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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डीएम करते हैं गैरकानूनी व असंवैधानिक कार्य: शिवानंद
हरिद्वार। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने जिलाधिकारी पर उनके अधीनस्थ अधिकारियों पर गैरकानूनी और असंवैधानिक कार्य कराने का आरोप लगाया है। बृहस्पतिवार को जगजीतपुर स्थित मातृसदन आश्रम में प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी गैरकानूनी और असंवैधानिक तरीके से कार्य करते हैं और अपने अधीनस्थ अधिकारियों को भी ऐसा करने के लिए कहते हैं। उन्होंने कहा कि एडीएम को धारा-144 के तहत नोटिस जारी करने का अधिकार नहीं हैं और धारा 144 आश्रम व तपस्या पर लागू नहीं किया जा सकता हैं। उन्होंने ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद पर की गई कार्रवाई को गलत बताया और मजिस्ट्रेट व जेलर की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि तहसीलदार ने कानूनी प्रावधानों को दरकिनार कर मातृसदन को बिना सूचित किए भूमि की पैमाइश की। इस दौरान राजस्व टीम के सदस्यों ने खाने के उपरांत आश्रम में प्लास्टिक की बोतलें, प्लेट मातृसदन प्रांगण में फेंककर आश्रम के पवित्र वातावरण को दूषित किया। उन्होंने कहा कि गंगा में रोजाना सवा दो करोड़ की रॉयल्टी की चोरी हो रही है। उन्होंने कहा कि मातृसदन में तपस्या में विघ्न डालने के प्रयास किए जा रहे हैं।