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चिडरक़यापुर रेंज में मृत मिली मादा हाथी
Updated Mon, 01 Jan 2018 10:53 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
श्यामपुर।
हरिद्वार वन प्रभाग की चिड़ियापुर रेंज में एक मादा हाथी की मौत हो गई। वन विभाग के अधिकारी मौत के कारणों को प्रथम दृष्टया बीमार होना मान रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद मादा हाथी के शव को दफना दिया गया। हथिनी की मौत की खबर मिलने पर वन प्रभाग के आला अफसरों ने घटनास्थल का मौका मुआयना कर विस्तृत जानकारी ली।
सोमवार सुबह चिड़ियापुर रेंज के कोटावाली कक्ष तीन में गश्त कर रहे वनकर्मी उस समय दंग रह गए, जब एक मादा हाथी को मृतावस्था में पाया। वनकर्मियों की सूचना पर आनन फानन में आला अफसर मौके पर पहुंचे। जांच में सामने आया कि मादा हाथी के शव पर किसी तरह के निशान नहीं हैं। वन विभाग ने चिकित्सकों की टीम मौके पर बुला ली।
एसडीओ एनबी शर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मादा हाथी की मौत बीमारी से हुई है। उसकी उम्र करीब तीस साल थी। बताया कि पोस्टमार्टम के बाद मादा हाथी के शव को जंगल में दफना दिया गया। इस दौरान वन क्षेत्राधिकारी के एस भंडारी, सेक्शन अधिकारी सुरेंद्र कुमार, बीट अधिकारी मुकेश कुमार, मनोज कुमार, रामपाल सिंह, चमनलाल भी मौजूद रहे।
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ठीक नहीं रहा पहला दिन
नए साल का पहला दिन वन्यजीवों के लिहाज से ठीक नहीं रहा। वन प्रभाग के क्षेत्र में मादा हाथी की मौत ने वन विभाग को खासा परेशान रखा। चूंकि साल का पहला दिन था इसलिए वन विभाग के अफसर दिन भर मायूस से रहे।
श्यामपुर।
हरिद्वार वन प्रभाग की चिड़ियापुर रेंज में एक मादा हाथी की मौत हो गई। वन विभाग के अधिकारी मौत के कारणों को प्रथम दृष्टया बीमार होना मान रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद मादा हाथी के शव को दफना दिया गया। हथिनी की मौत की खबर मिलने पर वन प्रभाग के आला अफसरों ने घटनास्थल का मौका मुआयना कर विस्तृत जानकारी ली।
सोमवार सुबह चिड़ियापुर रेंज के कोटावाली कक्ष तीन में गश्त कर रहे वनकर्मी उस समय दंग रह गए, जब एक मादा हाथी को मृतावस्था में पाया। वनकर्मियों की सूचना पर आनन फानन में आला अफसर मौके पर पहुंचे। जांच में सामने आया कि मादा हाथी के शव पर किसी तरह के निशान नहीं हैं। वन विभाग ने चिकित्सकों की टीम मौके पर बुला ली।
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एसडीओ एनबी शर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मादा हाथी की मौत बीमारी से हुई है। उसकी उम्र करीब तीस साल थी। बताया कि पोस्टमार्टम के बाद मादा हाथी के शव को जंगल में दफना दिया गया। इस दौरान वन क्षेत्राधिकारी के एस भंडारी, सेक्शन अधिकारी सुरेंद्र कुमार, बीट अधिकारी मुकेश कुमार, मनोज कुमार, रामपाल सिंह, चमनलाल भी मौजूद रहे।
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ठीक नहीं रहा पहला दिन
नए साल का पहला दिन वन्यजीवों के लिहाज से ठीक नहीं रहा। वन प्रभाग के क्षेत्र में मादा हाथी की मौत ने वन विभाग को खासा परेशान रखा। चूंकि साल का पहला दिन था इसलिए वन विभाग के अफसर दिन भर मायूस से रहे।