{"_id":"5a46764e4f1c1bb34a8b920c","slug":"151456740910-karnpryag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांडवों के बाद अब ध्याणियों को विदा करने में जुटे ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांडवों के बाद अब ध्याणियों को विदा करने में जुटे ग्रामीण
Updated Fri, 29 Dec 2017 10:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कर्णप्रयाग। ब्लाक के किमोली गांव में आयोजित दस दिवसीय पांडव नृत्य का शुक्रवार को हवन और भंडारे के साथ समापन हो गया। पांडवों ने ध्याणियों और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। लोगों ने हवन कर क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना की। पांडवों की विदाई के बाद अब ग्रामीण ध्याणियों की विदाई में जुट गए हैं।
क्षेत्र के किमोली गांव में इस बार 23 साल बाद 20 दिसंबर से पांडव नृत्य का आयोजन हुआ, जिसके लिए गांव की सभी ध्याणियां भी मायके के ईष्ट देवताओं की पूजा करने पहुंची थीं। किमोली के प्रधान खिलदेव सिंह रावत और युवक राकेश सिंह नेगी ने बताया कि शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना कर पांडवों को विदाई दी। अब ग्रामीण ध्याणियों को विदाई करने की तैयारियों में जुट गए हैं। इसके लिए अरसे और रोट तैयार करने में महिलाएं जुटी हुई हैं। इस दौरान बणसोली, फलोटा, कनखुल मल्ला और तल्ला, ग्वाड़, धारडुंग्री, कोलाडुंग्री, जस्यारा और कंडारा आदि गांवों के लोग और श्रद्धालु मौजूद थे।
क्षेत्र के किमोली गांव में इस बार 23 साल बाद 20 दिसंबर से पांडव नृत्य का आयोजन हुआ, जिसके लिए गांव की सभी ध्याणियां भी मायके के ईष्ट देवताओं की पूजा करने पहुंची थीं। किमोली के प्रधान खिलदेव सिंह रावत और युवक राकेश सिंह नेगी ने बताया कि शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने क्षेत्र की सुख समृद्धि की कामना कर पांडवों को विदाई दी। अब ग्रामीण ध्याणियों को विदाई करने की तैयारियों में जुट गए हैं। इसके लिए अरसे और रोट तैयार करने में महिलाएं जुटी हुई हैं। इस दौरान बणसोली, फलोटा, कनखुल मल्ला और तल्ला, ग्वाड़, धारडुंग्री, कोलाडुंग्री, जस्यारा और कंडारा आदि गांवों के लोग और श्रद्धालु मौजूद थे।
विज्ञापन