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‘माधो सिंह भंडारी’ प्रदेश की धरोहर
Updated Sun, 24 Dec 2017 02:05 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, मसूरी
विंटरलाइन कार्निवाल में प्रस्तुत होने वाली नृत्य नाटिका ‘वीर भड़ माधो सिंह भंडारी’ के प्रचार के लिए पहुंचे पर्वतीय नाट्य मंच के सदस्य एवं लेखक बलदेव राणा ने इसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर करार दिया। शुक्रवार को कुलड़ी बाजार स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता मेें उन्होंने कहा कि माधो सिंह भंडारी ने उत्तराखंड के विकास के लिए अपने बेटे का बलिदान दे दिया था। महान वीर भड़ के बारे में आज की पीढ़ी को पता नहीं है। इसीलिए पर्वतीय नाट्य मंच की ओर से माधो सिंह भंडारी नाटिका देख के विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तुति की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस नाटक में 70 कलाकार प्रतिभाग करेंगे। कार्यक्रम संयोजक राजेंद्र रावत ने कहा कि मसूरी में यह कार्यक्रम पहली बार हो रहा है। इस मौके पर राजेश कुमार, नरेश आनंद आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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विंटरलाइन कार्निवाल में प्रस्तुत होने वाली नृत्य नाटिका ‘वीर भड़ माधो सिंह भंडारी’ के प्रचार के लिए पहुंचे पर्वतीय नाट्य मंच के सदस्य एवं लेखक बलदेव राणा ने इसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर करार दिया। शुक्रवार को कुलड़ी बाजार स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता मेें उन्होंने कहा कि माधो सिंह भंडारी ने उत्तराखंड के विकास के लिए अपने बेटे का बलिदान दे दिया था। महान वीर भड़ के बारे में आज की पीढ़ी को पता नहीं है। इसीलिए पर्वतीय नाट्य मंच की ओर से माधो सिंह भंडारी नाटिका देख के विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तुति की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस नाटक में 70 कलाकार प्रतिभाग करेंगे। कार्यक्रम संयोजक राजेंद्र रावत ने कहा कि मसूरी में यह कार्यक्रम पहली बार हो रहा है। इस मौके पर राजेश कुमार, नरेश आनंद आदि मौजूद रहे। ब्यूरो