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उतराखंड की निष्पादन कलाएं: एक नाट्य शास्त्रीय संदर्भ पुस्तक का विमोचन
Updated Thu, 16 Nov 2017 10:38 PM IST
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श्रीनगर। लोक कला संस्कृति विभाग की ओर से प्रकाशित ‘उत्तराखंड की निष्पादन कलाएं : एक नाट्य शास्त्रीय संदर्भ’ पुस्तक का विमोचन पालिका सभागार में किया गया। विमोचन समारोह में वक्ताओं ने कहा कि पुस्तक उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने में सहायक होगी।
बुधवार देर शाम पालिका सभागार में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. जेपी पचौरी ने कहा कि इस प्रकार का लेखन उत्तराखंड की विलुप्त हो रही लोक कलाओं, परंपराओं के लिए संजीवनी साबित होगा। पुस्तक के संपादक डॉ. संजय पांडे ने बताया कि पुस्तक में 18 लेख समाहित हैं। पुस्तक के माध्यम से उत्तराखंड की लोक कलाओं, संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का प्रयास किया गया है। यह पुस्तक सभी विषयों के छात्र-छात्राओं के लिए उपयोगी सिद्ध होगी। पूर्व पालिका अध्यक्ष कृष्णानंद मैठानी ने कहा कि यह पुस्तक मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम में प्रो. जेके गोदियाल, गिरीश पैन्यूली, प्रो. आशाकृष्ण, प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो. हिमांशु बौड़ाई, प्रो. एसएस रावत मौजूद थे।
बुधवार देर शाम पालिका सभागार में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. जेपी पचौरी ने कहा कि इस प्रकार का लेखन उत्तराखंड की विलुप्त हो रही लोक कलाओं, परंपराओं के लिए संजीवनी साबित होगा। पुस्तक के संपादक डॉ. संजय पांडे ने बताया कि पुस्तक में 18 लेख समाहित हैं। पुस्तक के माध्यम से उत्तराखंड की लोक कलाओं, संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का प्रयास किया गया है। यह पुस्तक सभी विषयों के छात्र-छात्राओं के लिए उपयोगी सिद्ध होगी। पूर्व पालिका अध्यक्ष कृष्णानंद मैठानी ने कहा कि यह पुस्तक मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम में प्रो. जेके गोदियाल, गिरीश पैन्यूली, प्रो. आशाकृष्ण, प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो. हिमांशु बौड़ाई, प्रो. एसएस रावत मौजूद थे।
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