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सीएमओ के बयान पर भड़की आशा कार्यकत्रियां
Updated Tue, 14 Nov 2017 10:42 PM IST
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श्रीनगर। आशा कार्यकत्रियों ने सीएमओ सीएमओ डा. आरएस राणा के उस बयान पर भड़क गईं, जिसमें उन्होंने कहा था कि आशा कार्यकत्रियां स्वास्थ्य विभाग की कर्मचारी नहीं हैं। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मियों की तरह सुविधा देने की उनकी मांग न्याय संगत नहीं है।
राज्य कर्मचारी घोषित करने समेत पांच सूत्रीय मांगों के लिए आशा कार्यकत्रियां लंबे समय से आंदोलनरत हैं। आशा कार्यकत्रियों ने पूर्व में टीकाकरण कार्यों का विरोध भी किया था। संगठन की जिलाध्यक्ष सुमति थपलियाल ने कहा कि यदि आशा कार्यकत्रियां स्वास्थ्य विभाग की कर्मचारी नहीं हैं तो उनसे स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कार्य क्यों लिए जाते हैं। सर्वे का सारा कार्य आशाओं से क्यों कराया जाता है। आशा कार्यकत्रियों ने स्वास्थ्य विभाग पर शोषण करने का आरोप लगाया है।आशाओं ने सीएमओ के ऐेसे बयान पर कड़ा रोष व्यक्त किया है।
राज्य कर्मचारी घोषित करने समेत पांच सूत्रीय मांगों के लिए आशा कार्यकत्रियां लंबे समय से आंदोलनरत हैं। आशा कार्यकत्रियों ने पूर्व में टीकाकरण कार्यों का विरोध भी किया था। संगठन की जिलाध्यक्ष सुमति थपलियाल ने कहा कि यदि आशा कार्यकत्रियां स्वास्थ्य विभाग की कर्मचारी नहीं हैं तो उनसे स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कार्य क्यों लिए जाते हैं। सर्वे का सारा कार्य आशाओं से क्यों कराया जाता है। आशा कार्यकत्रियों ने स्वास्थ्य विभाग पर शोषण करने का आरोप लगाया है।आशाओं ने सीएमओ के ऐेसे बयान पर कड़ा रोष व्यक्त किया है।
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